मुंबई, 30 सितंबर। महाराष्ट्र के सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘बप्पा.ऑर्ग’ का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए गणेशोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ ही इसे वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
द एशियाटिक सोसाइटी में हुआ शुभारंभ
द एशियाटिक सोसाइटी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने घर के गणपति उत्सव से जुड़ी कहानी ‘बप्पा.ऑर्ग’ पर अपलोड कर प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के सांस्कृतिक रथ ‘बप्पा रथ’ को भी हरी झंडी दिखाई।
40 हजार गांवों की गणेश परंपराएं होंगी डिजिटल
‘बप्पा रथ’ का प्रमुख आकर्षण सर जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट के विद्यार्थियों और मूर्तिकारों द्वारा तैयार किया गया 12 फुट ऊंचा मोदक का आर्टवर्क है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के माध्यम से महाराष्ट्र के करीब 40 हजार गांवों तक पहुंच बनाई जाएगी। इन गांवों की गणेश प्रतिमाओं, उत्सव की परंपराओं और उनसे जुड़ी अनूठी कहानियों को डिजिटल माध्यम से दुनिया के सामने लाया जाएगा।
देश-विदेश में गणेश आराधना की कहानियां
फडणवीस ने कहा कि देश और विदेश में भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों, भक्तों के अनुभवों तथा समय के साथ गणेश भक्ति में आए बदलावों को भी इस प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के अलावा एशिया के कई देशों में भगवान गणेश की आराधना की जाती है और जापान जैसे देशों में भी गणेश मंदिर मौजूद हैं।
गणेशोत्सव के सामाजिक स्वरूप को दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बप्पा.ऑर्ग’ के माध्यम से बाल गणेश से लेकर सार्वजनिक गणेशोत्सव तक लोगों के बप्पा से जुड़े भावनात्मक संबंध, मान्यताएं, परंपराएं और त्योहार के सामाजिक स्वरूप को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना था कि सार्वजनिक गणेशोत्सव से उत्पन्न सामाजिक मेलजोल, एकता, उत्साह और ऊर्जा को डिजिटल माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहुंचाया जाएगा।
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