राहुल गुप्ता
धुले, 30 सितंबर। बीमारी और पारिवारिक परेशानियां दूर करने का झांसा देकर एक गरीब मजदूर परिवार से कथित तांत्रिकों ने 1 लाख 60 हजार रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि अंधविश्वास और अघोरी प्रथाओं के नाम पर परिवार को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना भी दी गई। मामले में पीड़ित परिवार ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क किया, जिसके सहयोग से 27 सितंबर 2026 को धुले शहर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
शिकायत के मुताबिक, कथित तांत्रिक महिला पीड़ित महिला को नासिक के गोदाघाट ले गई। वहां उसे कथित तौर पर अघोरी स्नान कराया गया। आरोप है कि इसके बाद महिला के शरीर से उतारे गए नींबू का रस उसकी आंखों में निचोड़ दिया गया।
21 वर्षीय बेटी को 40 दिन तक घर में रखा
मामले में एक और गंभीर आरोप पीड़ित परिवार की 21 वर्षीय बेटी को लेकर है। शिकायत के अनुसार, युवती को गंभीर बीमारी का डर दिखाकर कथित तांत्रिक महिला ने करीब 40 दिनों तक घर में ही बंद रखने के लिए मजबूर किया।
इसके बाद 24 जुलाई 2026 को आरोपी महिला ने कथित तौर पर युवती की जबरन सगाई करवा दी। सगाई के बाद परिवार से उसके संपर्क भी कथित तौर पर तोड़ दिए गए।
नासिक से आरोपी तांत्रिक महिला गिरफ्तार
मामला दर्ज होने के बाद धुले शहर पुलिस ने नासिक में कार्रवाई की। पुलिस ने मुख्य आरोपी कथित तांत्रिक महिला सरिता जाधव और उसके सहयोगियों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जादू-टोना विरोधी कानून, धोखाधड़ी और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हैं तथा क्या इससे पहले भी किसी अन्य परिवार को निशाना बनाया गया था।
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