सूखे ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, मराठवाड़ा और विदर्भ में 12 मौतों से गहराया संकट

राहुल गुप्ता
नागपुर, 1 अक्टूबर। महाराष्ट्र में सूखे और फसल नुकसान के बीच मराठवाड़ा तथा विदर्भ से 12 किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इनमें मराठवाड़ा के आठ और विदर्भ के चार किसान शामिल हैं। राज्य सरकार ने 26 सितंबर को 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है।

फसल नुकसान और कर्ज का बढ़ता दबाव

बारिश में कमी के कारण कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हुई है। खासकर सोयाबीन समेत खरीफ फसलों को नुकसान होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट बढ़ा है। सूखे की स्थिति के बीच फसल नुकसान और कर्ज के दबाव को किसानों की बढ़ती मुश्किलों की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।

सरकार के अनुसार, राज्य की 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है, जो कुल तहसीलों का करीब तीन-चौथाई हिस्सा है।

मराठवाड़ा में आठ किसानों की मौत

मराठवाड़ा के नांदेड, हिंगोली, छत्रपति संभाजीनगर और लातूर सहित विभिन्न जिलों से आठ किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।

नांदेड जिले के भोकर तहसील के नांदा खुर्द निवासी किसान प्रकाश राठोड और लोहा तहसील के आंबेसांगवी निवासी घनश्याम कदम की उपचार के दौरान मौत होने की जानकारी सामने आई है। हिंगोली जिले के औंढा तहसील के ब्राह्मणवाडा निवासी किसान तानाजी मोरे की भी उपचार के दौरान मौत हुई।

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छत्रपति संभाजीनगर जिले के मुरूमखेड़ा निवासी विजय बचाटे और कन्नड़ तहसील के रामपुरा तांडा निवासी दिगंबर राठोड की मौत का मामला सामने आया है। वहीं, लातूर जिले में अहमदपुर तहसील के देशकरा निवासी तुकाराम मुजे और शिरूर अनंतपाल तहसील के सकोल निवासी मुडाग्या कुंभार की मौत की जानकारी दी गई है।

विदर्भ के चार जिलों से सामने आए मामले

विदर्भ के यवतमाल, बुलढाणा, अकोला और वाशिम जिलों से चार किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। इनमें यवतमाल जिले के रालेगांव के सदाशिव कोहले, बुलढाणा तहसील के रुईखेड़ मायंबा के पंजाबराव रामेकर, अकोला जिले के गाजीपुर के सतीश पातोंड और वाशिम जिले की मालेगांव तहसील के अमानी के नीलकंठ सराफ शामिल हैं।

265 तहसीलों में सूखा घोषित

महाराष्ट्र सरकार ने बारिश की कमी और अन्य सूचकांकों के आधार पर 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन और राहत संबंधी प्रक्रिया शुरू की गई है।

सरकार की ओर से प्रभावित किसानों के लिए फसल ऋण पुनर्गठन, कृषि ऋण वसूली में राहत और कृषि पंपों के बिजली बिल में रियायत सहित कई उपायों की घोषणा की गई है। विदर्भ की 95 तहसीलें सूखा प्रभावित सूची में शामिल हैं, जबकि मराठवाड़ा में भी बड़ी संख्या में तहसीलें इस सूची में हैं।

फसल नुकसान का पंचनामा शुरू

प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का पंचनामा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अब किसानों तक राहत पहुंचाने के साथ पानी, चारे और आगामी रबी सीजन के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।

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