पुणे, 02 अक्टूबर। बारिश में कमी और लंबे अंतराल के कारण पुणे जिले में जलस्थिति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। पुणे शहर की पेयजल जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण खड़कवासला परियोजना के चारों बांधों में पिछले 24 घंटे के दौरान पानी की नई आवक शून्य दर्ज की गई है। हालांकि, वर्तमान में इन बांधों में कुल 27.41 टीएमसी यानी करीब 94.06 प्रतिशत जलसंग्रह उपलब्ध है।
पिछले वर्ष की तुलना में 1.74 टीएमसी कम पानी
1 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, खड़कवासला, पानशेत, वरसगांव और टेमघर बांधों में कुल 27.41 टीएमसी पानी उपलब्ध था। पिछले वर्ष इसी अवधि में इन चारों बांधों में 29.15 टीएमसी यानी 100 प्रतिशत जलसंग्रह दर्ज किया गया था। इस लिहाज से इस वर्ष जलसंग्रह पिछले वर्ष की तुलना में 1.74 टीएमसी कम है।
खड़कवासला में जलस्तर 47 प्रतिशत से नीचे
वर्तमान जलसंग्रह में खड़कवासला बांध में 0.93 टीएमसी यानी 46.97 प्रतिशत पानी है। पानशेत में 10.22 टीएमसी (96.03 प्रतिशत), वरसगांव में 12.56 टीएमसी (97.97 प्रतिशत) और टेमघर बांध में 3.71 टीएमसी यानी 100 प्रतिशत जलसंग्रह उपलब्ध है।
पानी की नई आवक पर नजर जरूरी
चारों बांधों में फिलहाल कुल जलसंग्रह अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है, लेकिन बारिश थमने के बाद पानी की नई आवक पूरी तरह रुकना चिंता का विषय है। पुणे जिले के कुछ तालुकों में बारिश के लंबे अंतराल का असर कृषि पर भी पड़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेयजल और कृषि जरूरतों के लिए उपलब्ध जलसंग्रह के नियोजित उपयोग पर निर्भरता बढ़ सकती है।
खड़कवासला से 19.05 टीएमसी पानी छोड़ा गया
खड़कवासला बांध से अब तक 19.05 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है। जलसंग्रह 50 प्रतिशत से नीचे आने के बाद शहर की पेयजल जरूरतों और अन्य उपयोगों के लिए पानी के वितरण की योजना महत्वपूर्ण हो गई है। चारों बांधों में नई आवक नहीं होने की स्थिति में पुणे की आगामी जलापूर्ति व्यवस्था के लिए उपलब्ध पानी का सावधानीपूर्वक नियोजन आवश्यक होगा।
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