राहुल गुप्ता
छत्रपति संभाजीनगर, 2 अक्टूबर। पुलिस की वर्दी, पीछे तिरंगा और पुलिस का झंडा दिखाकर साइबर ठगों ने 75 वर्षीय महिला को विश्वास दिलाया कि वीडियो कॉल पर बात करने वाले लोग असली पुलिस अधिकारी हैं। इसके बाद मुंबई में उनके नाम से बैंक खाता खुलने और उससे आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसे भेजे जाने का आरोप लगाकर उन्हें डराया गया। गिरफ्तारी, आरबीआई की जांच और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर ठगों ने महिला को 14 दिन तक डिजिटल हिरासत में रखा।
इस दौरान ठगों ने महिला से अलग-अलग पांच बैंक खातों के जरिए आरटीजीएस कराया और कुल 3 करोड़ 80 हजार रुपये अपने बताए खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामला 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच व्यंकटेश नगर का है। जिन्सी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसे भेजने का लगाया आरोप
व्यंकटेश नगर निवासी शुभाधा अशोक कुलकर्णी (75) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को नासिक अपराध शाखा का अधिकारी बताते हुए अपना नाम राजन भिसे बताया।
उसने दावा किया कि कुलकर्णी के नाम वाले मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर मुंबई की केनरा बैंक में एक खाता खोला गया है। इस खाते से आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसे भेजे गए हैं।
दो करोड़ रुपये आने और कमीशन का दिया झांसा
इसके बाद एक दूसरे व्यक्ति ने फोन कर बताया कि संबंधित बैंक खाते में दो करोड़ रुपये आए हैं। इनमें से दो लाख रुपये कमीशन के तौर पर कुलकर्णी के खाते में भेजे गए हैं। ठगों ने कहा कि आरबीआई उनके सभी बैंक खातों और लेन-देन की जांच करेगी।
सहयोग नहीं करने पर गिरफ्तारी और उनके बेटे को भी गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। इससे डरकर महिला ठगों के निर्देशों का पालन करने लगीं।
वर्दी में वीडियो कॉल, पीछे दिख रहा था तिरंगा
साइबर ठगों ने महिला से व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल की। कॉल के दौरान एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठा दिखाई दिया। उसके पीछे तिरंगा और पुलिस का नीला झंडा भी नजर आ रहा था। इस दृश्य से महिला को विश्वास हो गया कि वीडियो कॉल पर मौजूद व्यक्ति वास्तव में पुलिस अधिकारी है।
18 सितंबर से 1 अक्टूबर तक उन्हें हर दिन सुबह, दोपहर और शाम फोन किए जाते रहे। इस दौरान लगातार निगरानी और जांच का डर दिखाकर उन्हें किसी से भी घटना की जानकारी साझा नहीं करने दी गई।
एफडी और बैंक खातों की भी ली जानकारी
21 सितंबर को ठगों ने कुलकर्णी से उनके सभी बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी ली। उनके पास सावधि जमा होने की जानकारी मिलने के बाद उसकी भी पड़ताल की गई।
ठगों ने उन्हें बताया कि आरबीआई की जांच चल रही है और अगर उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को इसकी जानकारी दी तो उनके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इसके बाद उन्हें अलग-अलग बैंकों से ठगों द्वारा बताए गए खातों में आरटीजीएस के जरिए रकम भेजने के लिए मजबूर किया गया।
पांच लेन-देन में ट्रांसफर कराए 3 करोड़ 80 हजार रुपये
पुलिस शिकायत के अनुसार, 23 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच पांच अलग-अलग लेन-देन में महिला से कुल 3 करोड़ 80 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए।
- 23 सितंबर: देवगिरी नागरी सहकारी बैंक से 62 लाख रुपये।
- 28 सितंबर: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 89 लाख रुपये।
- 29 सितंबर: औरंगाबाद जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक से 54 लाख रुपये।
- 1 अक्टूबर: एचडीएफसी बैंक से 55 लाख रुपये।
- 1 अक्टूबर: एसबीआई खाते से 40 लाख 80 हजार रुपये।
पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगी की जांच शुरू कर दी है।
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