जल कटौती पर राज्य सरकार से चर्चा के बाद फैसला; 227 नगरसेवकों के लिए जलस्रोतों के अध्ययन दौरे का प्रस्ताव
मुंबई, 03 अक्टूबर। मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले सातों जलाशयों में फिलहाल संतोषजनक जल भंडार है। हालांकि, संभावित एल नीनो प्रभाव, मौसम में अनिश्चितता और बढ़ते तापमान से वाष्पीकरण को देखते हुए 31 अगस्त 2027 तक पानी की उपलब्धता के आधार पर नियोजन किया जाएगा। मौजूदा जल कटौती वापस लेने का निर्णय राज्य सरकार से चर्चा के बाद लिया जाएगा। यह जानकारी महापौर रितू तावडे ने महानगरपालिका सदन में दी।
जल कटौती पर सरकार से चर्चा
विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर के निवेदन का जवाब देते हुए महापौर ने कहा कि मुंबईकरों को पर्याप्त पानी मिलना चाहिए, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में कम बारिश और सूखे की स्थिति को देखते हुए जल प्रबंधन में सावधानी जरूरी है।
सामान्य तौर पर 30 सितंबर के बाद अगले वर्ष 31 जुलाई तक पानी की उपलब्धता का आकलन किया जाता है। इस बार मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए 31 अगस्त 2027 तक पानी उपलब्ध रखने के लक्ष्य के साथ नियोजन किया जा रहा है। इसी आधार पर जल कटौती को लेकर आगे निर्णय होगा।
गारगाई-पिंजाल परियोजना का उल्लेख
महापौर ने कहा कि गारगाई-पिंजाल परियोजना पूरी होने पर मुंबई को अतिरिक्त जलस्रोत उपलब्ध हो सकता है। परियोजना को पूरा होने में समय लगेगा, इसलिए तब तक मौजूदा जल भंडार का सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी है।
उन्होंने जलाशय क्षेत्रों में बारिश के दौरान बह जाने वाले पानी को छोटे बांधों के जरिए रोकने और भूजल पुनर्भरण की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए।
227 नगरसेवकों का अध्ययन दौरा
महापौर ने सभी 227 निर्वाचित और स्वीकृत नगरसेवकों के लिए जलग्रहण क्षेत्रों तथा भांडुप जलशुद्धीकरण परिसर के अध्ययन दौरे का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि जलस्रोत से लेकर शुद्धीकरण और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जनप्रतिनिधियों को प्रत्यक्ष रूप से मिलनी चाहिए।
पानी की बर्बादी रोकने पर जोर
महानगरपालिका को गृहसंकुलों में अनधिकृत अतिरिक्त पानी की टंकियों की जांच, नई इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने और पुरानी भूमिगत पाइपलाइनों में लीकेज रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जल वितरण व्यवस्था में होने वाली बर्बादी पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
नागरिकों से पानी बचाने की अपील
महापौर ने नागरिकों से पानी का संयमित उपयोग करने और जल बचत को दैनिक आदत बनाने की अपील की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में इस संबंध में जागरूकता फैलाने को कहा। जल उपलब्धता और नियोजन पर महानगरपालिका प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट जल्द सदन में पेश की जाएगी।
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