हर प्रशासनिक विभाग में कम से कम 10 प्रदूषण हॉटस्पॉट चिन्हित होंगे
निर्माण कार्य, सड़क की धूल, मलबा, कचरा जलाने और वाहनों पर रहेगी विशेष निगरानी
मुंबई, 03 अक्टूबर। मुंबई में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ‘वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रवर्तन कार्य योजना-2026’ तैयार की है। योजना के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के साथ प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की नियमित निगरानी की जाएगी।
हर प्रशासनिक विभाग में 10 हॉटस्पॉट की पहचान
महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी और महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे के मार्गदर्शन में सभी प्रशासनिक विभागों के सहायक आयुक्तों को कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक प्रशासनिक विभाग में कम से कम 10 वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएंगे और उनकी अद्यतन सूची तथा मानचित्र तैयार किया जाएगा।
इन हॉटस्पॉट में बड़े निर्माण व पुनर्विकास प्रकल्प, बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, खुले में कचरा जलाने के स्थान, मलबा जमा होने वाले क्षेत्र तथा यातायात जाम वाले स्थान शामिल होंगे। प्रत्येक हॉटस्पॉट के लिए जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त कर नियमित निगरानी की जाएगी।
निर्माण और तोड़फोड़ स्थलों पर सख्ती
निर्माण और तोड़फोड़ स्थलों पर मौजूदा 28 सूत्रीय दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस, काम बंद करने की नोटिस और जरूरत पड़ने पर स्थल को सील करने जैसी कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रत्येक निरीक्षण दल को प्रतिदिन कम से कम दो निर्माण स्थलों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। तोड़फोड़ के दौरान उचित बैरिकेडिंग, तिरपाल या हरे कपड़े से ढकने और लगातार सूक्ष्म जल छिड़काव करना आवश्यक होगा।
सड़कों की धूल हटाने के लिए विशेष सफाई अभियान
बारिश के बाद सड़कों पर जमा गाद, कीचड़ और धूल हटाने के लिए अक्टूबर के पहले और दूसरे सप्ताह में ‘पोस्ट-मॉनसून डीप क्लीनिंग ड्राइव’ चलाया जाएगा। प्रमुख सड़कों, डिवाइडर, चौराहों और सड़क किनारे के हिस्सों की विशेष सफाई की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार पुनर्चक्रित पानी से सड़कें धोने या पानी का सूक्ष्म छिड़काव करने की व्यवस्था की जाएगी।
निर्माण स्थलों के आकार के अनुसार संबंधित विकासक या ठेकेदार को आसपास की सड़कों की सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी। 4,000 वर्ग मीटर तक के प्रकल्प के लिए 100 मीटर, 4,000 से 10,000 वर्ग मीटर तक के प्रकल्प के लिए 200 मीटर और 10,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाले प्रकल्प के लिए दोनों दिशाओं में 500 मीटर तक सड़क साफ रखना आवश्यक होगा।
मलबा ढोने वाले वाहनों पर निगरानी
निर्माण और तोड़फोड़ का मलबा ले जाने वाले वाहनों को पूरी तरह ढका रखना और सार्वजनिक सड़क पर आने से पहले उनके पहियों की सफाई करना अनिवार्य होगा। मलबे के परिवहन और निपटान की निगरानी मुंबई डेब्रिस कंट्रोल एंड ट्रैकिंग सिस्टम (MDCTS) के माध्यम से की जाएगी।
रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) वाहनों से सड़क पर कंक्रीट या अन्य सामग्री न गिरे, यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
खुले में कचरा जलाने और वाहनों के प्रदूषण पर कार्रवाई
खुले स्थानों पर कचरा जलाने की घटनाओं पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए वार्ड स्तर के मार्शल और सीसीटीवी की मदद ली जाएगी। प्रमुख यातायात मार्गों और जाम वाले क्षेत्रों में विशेष पीयूसी जांच अभियान चलाया जाएगा। दिखाई देने वाला धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
AQI बढ़ने पर अतिरिक्त उपाय
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की लगातार निगरानी की जाएगी और स्थिति के अनुसार ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत उपाय किए जाएंगे। AQI 200 से अधिक होने पर संबंधित क्षेत्र में विशेष सफाई, आवश्यकता के अनुसार सड़क धुलाई, पानी का छिड़काव और मिस्टिंग तथा खुले में कचरा जलाने पर नियंत्रण जैसे उपाय किए जाएंगे।
यदि किसी क्षेत्र में AQI लगातार तीन दिनों तक 300 से अधिक रहता है, तो उस स्थान के दो किलोमीटर के दायरे में प्रदूषणकारी गतिविधियों को बंद करने का प्रावधान किया गया है।
वार्ड स्तर पर नियमित समीक्षा
बीएमसी के अनुसार, मुंबई की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्य योजना के क्रियान्वयन की वार्ड स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे ने संबंधित अधिकारियों को वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर आवश्यक निवारक और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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