निवेश से रोजगार तक, विकास की पूरी कड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी: नितिन गडकरी

नागपुर में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने टिकाऊ और किफायती बुनियादी ढांचे के लिए तकनीक, नवाचार और वैकल्पिक निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर जोर दिया।

राहुल गुप्ता

नागपुर, 4 अक्टूबर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसी भी देश या क्षेत्र का विकास मजबूत बुनियादी ढांचे पर निर्भर करता है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना निवेश आकर्षित करना मुश्किल है और निवेश के अभाव में रोजगार के अवसर भी पैदा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार बढ़े बिना गरीबी का उन्मूलन संभव नहीं है, इसलिए देश के समग्र विकास में बुनियादी ढांचे की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

गडकरी नागपुर में इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट (आईसीआई) की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘एशियन सिनेरियो ऑन इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट’ को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में भारत और विदेशों के इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ, इंजीनियर, शोधकर्ता और शिक्षाविद शामिल हुए।

तकनीक और नवाचार पर जोर

गडकरी ने कहा कि नागपुर भारत के मध्य में स्थित है, इसलिए एशिया में बुनियादी ढांचे के भविष्य पर चर्चा के लिए यह उपयुक्त स्थान है। उन्होंने तकनीक और ज्ञान को इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के प्रमुख आधार बताते हुए विशेषज्ञों और इंजीनियरों से टिकाऊ, मजबूत और किफायती निर्माण पर ध्यान देने का आह्वान किया।

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उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में वैकल्पिक और कचरे से तैयार सामग्री के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया। गडकरी के मुताबिक, सड़क निर्माण में नगर निकायों के कचरे के इस्तेमाल के साथ रबर टायर पाउडर, प्लास्टिक और अन्य सामग्रियों के उपयोग पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी तकनीकों को अपनाते समय गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।

UHPFRC से बदली नागपुर की कनेक्टिविटी

गडकरी ने नागपुर के इंदोरा चौक से दिघोरी चौक के बीच बने करीब 8.9 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके निर्माण में अल्ट्रा हाई परफॉर्मेंस फाइबर रीइंफोर्स्ड कंक्रीट (यूएचपीएफआरसी) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक से लंबे स्पैन तैयार करने और निर्माण में तेजी लाने में मदद मिली है।

इस फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद इंदोरा से दिघोरी के बीच यात्रा का समय करीब एक घंटे से घटकर लगभग 10 से 15 मिनट रह गया है। करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह कॉरिडोर नागपुर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए बनाया गया है।

ग्रीन कंक्रीट और कचरे से निर्माण

गडकरी ने कहा कि भारत दुनिया के प्रमुख सीमेंट उत्पादक देशों में शामिल है और एशिया में इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए कंक्रीट की मांग आगे भी बढ़ेगी। ऐसे में निर्माण क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी है।

फ्लाई ऐश, स्लैग और रिसाइकिल्ड एग्रीगेट्स जैसी सामग्रियों से ग्रीन कंक्रीट तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रीकास्ट कंक्रीट और जीएफआरपी जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से निर्माण की गति बढ़ाने के साथ संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

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