भाजपा ने कौस्तुभ गावडे को उतारा, शिवसेना के मंगेश चिवटे भी लड़ेंगे चुनाव
उदय सामंत ने किया ऐलान
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 4 अक्टूबर। महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों के चुनाव को लेकर महायुति में सीट बंटवारे का विवाद सामने आ गया है। पुणे की दोनों सीटें भाजपा के खाते में जाने और भाजपा की ओर से कौस्तुभ गावडे को उम्मीदवार बनाए जाने के बावजूद शिवसेना शिंदे गुट ने इस सीट पर अपना दावा कायम रखा है। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने स्पष्ट किया है कि मंगेश चिवटे शिवसेना के उम्मीदवार होंगे और वे अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
मंगेश चिवटे दाखिल करेंगे नामांकन
मंगेश चिवटे लंबे समय से पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। सीट भाजपा के खाते में जाने के बाद भी उन्होंने चुनाव मैदान से हटने से इनकार किया है। चिवटे ने कहा है कि वे एकनाथ शिंदे के निर्देश पर मंगलवार को शक्ति प्रदर्शन के साथ अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके अनुसार, शिक्षकों की ओर से भी चुनाव लड़ने का दबाव है।
उदय सामंत ने किया बड़ा ऐलान
उदय सामंत ने कहा कि पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर शिवसेना का दावा कायम है और मंगेश चिवटे ही पार्टी के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसे उम्मीदवार बनाया है, यह उसका आंतरिक मामला है। भाजपा का उम्मीदवार भी नामांकन दाखिल करेगा और शिवसेना की ओर से चिवटे भी मैदान में रहेंगे। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के स्तर पर लिया जाएगा।
भाजपा ने कौस्तुभ गावडे को दिया टिकट
भाजपा ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कोल्हापुर स्थित स्वामी विवेकानंद शिक्षण संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कौस्तुभ गावडे को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. स्मिता योगेश जाधव को उम्मीदवार बनाया गया है। इससे पुणे शिक्षक सीट पर महायुति के दोनों घटकों के उम्मीदवार आमने-सामने आने की स्थिति बन गई है।
नामांकन के बाद तस्वीर होगी साफ
विधान परिषद की इन सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। ऐसे में मंगेश चिवटे और भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे दोनों के नामांकन दाखिल करने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।
महायुति के सामने समन्वय की चुनौती
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच सामने आए मतभेद ने महायुति के भीतर समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी बागी उम्मीदवारों से बातचीत कर उन्हें समझाने की बात कही है। अब नामांकन वापसी की अंतिम तारीख तक दोनों दलों के बीच सहमति बनती है या दोनों उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, इस पर सभी की नजर है।
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