MPSC आंदोलन में पहुंचे नितेश राणे, रोहित पवार को लेकर कहा- कल मेरे साथ सरकार में मंत्री भी हो सकते हैं

राहुल गुप्ता

पुणे, 4 अक्टूबर। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की विभिन्न मांगों को लेकर पुणे में चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच रविवार को भाजपा विधायक नितेश राणे भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी मांगों पर बातचीत की। इसी दौरान रोहित पवार को लेकर उनके एक बयान ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी। पुणे में MPSC छात्रों का आंदोलन कई मांगों को लेकर जारी है और इसमें रोहित पवार भी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

नितेश राणे बोले- रोहित पवार मेरे मित्र हैं

नितेश राणे ने कहा कि रोहित पवार उनके मित्र हैं और वह उन्हें अपना दुश्मन नहीं मानते। उन्होंने कहा, “रोहित पवार शायद कल मेरे साथ सरकार में मंत्री भी हो सकते हैं।” राणे ने कहा कि MPSC से जुड़ी व्यवस्था की कमियों को दूर करने और आयोग का महत्व बढ़ाने के लिए काम होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छात्रों की कई मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है और बाकी मुद्दों पर भी प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाएगा। राणे ने छात्रों से संविधान और सरकार की प्रक्रिया को पूरा होने का मौका देने की अपील की।

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‘आंदोलन के दिन जल्लोष और फटाके फोडाल’

नितेश राणे ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी जिम्मेदारी ली है और जल्द ही ऐसा समय आएगा जब आंदोलन स्थल पर ही जीत का जश्न मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों के समाधान के लिए आवाज उठाई जा रही है।

MPSC आंदोलन को लेकर सरकार की ओर से परीक्षा ऑफलाइन कराने, भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और अन्य मांगों पर कदम उठाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, छात्रों का आंदोलन अलग-अलग मांगों को लेकर जारी है।

संजय राऊत ने सरकार पर साधा निशाना

दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सरकार पर छात्रों के आंदोलन में फूट डालने का आरोप लगाया। राऊत ने कहा कि अगर छात्रों की मांगें मान ली गई हैं तो आंदोलन में विभाजन की स्थिति क्यों पैदा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह युवाओं की अगली पीढ़ी का सवाल है और सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए। राऊत ने MPSC की व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

पुणे में MPSC आंदोलन के कई गुट

पुणे में MPSC को लेकर चल रहे आंदोलन में फिलहाल अलग-अलग समूहों की अलग मांगें सामने आई हैं। एक समूह परीक्षा का ऑब्जेक्टिव पैटर्न वापस लाने की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा 2025 में लागू डिस्क्रिप्टिव पैटर्न जारी रखने के पक्ष में है। रोहित पवार के समर्थन वाले समूह की प्रमुख मांग MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे से जुड़ी है।

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