राहुल गुप्ता
ठाणे, 5 अक्टूबर। ठाणे ग्रामीण पुलिस 22 वर्षीय महिला से कथित गैंगरेप के मामले की जांच के दौरान फरार पूर्व पुलिस कांस्टेबल शैलेश पाटिल की संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस को जांच में पता चला है कि पाटिल और उसकी पत्नी के नाम पर 7 फार्महाउस हैं। इनमें वह फार्महाउस भी शामिल है, जहां महिला ने कथित तौर पर वारदात होने का आरोप लगाया है।
पुलिस अब 10 अन्य फार्महाउस के पतों और मालिकाना हक की भी जांच कर रही है। इन संपत्तियों की जानकारी पाटिल के एक करीबी सहयोगी ने पुलिस को दी है। इस तरह पुलिस कुल 17 फार्महाउस की जांच कर रही है। इस मामले में पूर्व पुलिसकर्मी शैलेश पाटिल और पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार दोनों फरार हैं।
17 फार्महाउस की जानकारी से बढ़ा शक
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पाटिल के करीबी सहयोगी ने बताया कि दंपति के नाम पर मुंबई महानगर क्षेत्र में 17 फार्महाउस हैं। पुलिस को फिलहाल 7 संपत्तियों से पाटिल का संबंध होने के सबूत मिले हैं।
अधिकारी ने बताया कि पाटिल की पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस को संदेह है कि उसने ये सभी फार्महाउस खुद नहीं खरीदे होंगे। जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि कहीं किसी अन्य व्यक्ति ने पाटिल के नाम का इस्तेमाल संपत्तियां रखने के लिए तो नहीं किया।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता पाटिल और नरेंद्र पवार का पता लगाना है। दोनों पर 22 वर्षीय महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
2013 में रिश्वत मामले में गिरफ्तार हुआ था पाटिल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शैलेश पाटिल को 2013 में कथित तौर पर दूसरों की ओर से रिश्वत स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेजा गया और निलंबित कर दिया गया था। 2019 में उसे फिर से पुलिस सेवा में बहाल किया गया। अधिकारी के मुताबिक, बहाली के 2 दिन बाद पाटिल ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया और पुलिस सेवा छोड़ दी।
पाटिल की मां सुलोचना ने भी बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एफआईआर में उसका नाम सामने आने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि उनके बेटे ने उनके साथ भी मारपीट की थी। उन्होंने उसके लिए मौत की सजा की मांग की। सुलोचना ने यह भी आरोप लगाया कि पाटिल एक आईपीएस अधिकारी को बचाने की कोशिश कर रहा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फार्महाउस से CCTV और DVR गायब
22 वर्षीय महिला के बयान के आधार पर 17 सितंबर को नरेंद्र पवार और शैलेश पाटिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। महिला ने आरोप लगाया कि दोनों ने पडघा स्थित पाटिल के फार्महाउस में उसके साथ गैंगरेप किया।
आरोप सामने आने के बाद से दोनों फरार हैं। कुछ दिन बाद फार्महाउस से सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) भी गायब मिले। यह फार्महाउस भिवंडी और कल्याण के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-3 के किनारे एक सुनसान इलाके में स्थित है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद नरेंद्र पवार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में आरोपों से इनकार करते हुए एफआईआर को बदनाम करने की साजिश बताया था। उन्होंने कहा था कि मामले से पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है, इसलिए उन्होंने पदों से इस्तीफा दिया।
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