महिला सुरक्षा को लेकर विजया रहाटकर ने मुंबई पुलिस के साथ की समीक्षा बैठक

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 6 अक्टूबर। मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सोमवार को मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में संकट में फंसी महिलाओं तक पुलिस की पहुंच, शिकायतों के त्वरित निपटारे, महिला हेल्प डेस्क, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

हर शिकायत पर संवेदनशील और समयबद्ध कार्रवाई

बैठक में महिला हेल्पलाइन से मिलने वाली शिकायतों तथा पुलिस थानों में संचालित महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। रहाटकर ने कहा कि महिलाओं की शिकायतों पर समयबद्ध और संवेदनशील कार्रवाई जरूरी है। वन स्टॉप सेंटर, जिला प्रशासन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ पुलिस के बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।

सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट की भी होगी अहम भूमिका

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सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरों की कवरेज और उनकी निगरानी व्यवस्था पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। बढ़ते साइबर अपराध और सोशल मीडिया पर महिलाओं को परेशान करने के मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

POSH समितियां बनाना ही नहीं, प्रशिक्षण भी जरूरी

इससे पहले बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित आईसीआईसीआई बैंक में POSH कानून को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें आंतरिक शिकायत समिति के सदस्यों और कर्मचारियों को शिकायत दर्ज करने तथा जांच प्रक्रिया की जानकारी दी गई। आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल आंतरिक शिकायत समिति का गठन पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके सदस्यों को नियमित प्रशिक्षण देना भी जरूरी है।

वरिष्ठ महिलाओं के अधिकारों पर भी चर्चा

महाराष्ट्र में महिलाओं से जुड़े राज्य-विशिष्ट कानूनों की समीक्षा के दौरान संपत्ति अधिकार, कृषि भूमि में महिलाओं के अधिकार और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े कानूनों पर चर्चा हुई। वरिष्ठ महिलाओं की विशिष्ट समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार के समक्ष रखने की बात कही गई।

पुलिस के जेंडर सेंसिटाइजेशन पर जोर

रहाटकर ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के जेंडर सेंसिटाइजेशन को जरूरी बताते हुए कहा कि शिकायत सुनने से लेकर जांच और कार्रवाई तक महिलाओं के प्रति पुलिस का व्यवहार संवेदनशील और सम्मानजनक होना चाहिए। राष्ट्रीय महिला आयोग और मुंबई पुलिस के बीच संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई।

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