राहुल गुप्ता
पुणे, 6 अक्टूबर। पुणे में एमपीएससी छात्रों के आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। आंदोलनकारियों की ओर से पुणे बंद का आह्वान किए जाने के बाद अब पुणे की मेयर मंजुषा नागपुरे ने इसे लेकर खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर पुणे बंद कराने की कोशिश की गई तो शहर में इसका असर दिखाई देगा। वहीं, इस मामले को लेकर मुंबई हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।
मेयर ने दी खुली चुनौती
एमपीएससी छात्रों के आंदोलन को लेकर अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के छात्रों से पुणे पहुंचकर शहर बंद कराने का आह्वान किया था। इस पर मेयर मंजुषा नागपुरे ने कहा कि पुणे शिक्षा का प्रमुख केंद्र है और देशभर से लाखों विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं। उन्होंने कहा कि पुणे ने हमेशा छात्रों को अपनाया है और अब तक छात्रों की ओर से भी शहर को परेशानी नहीं दी गई।
मंजुषा नागपुरे ने रोहित पवार का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने पुणे बंद कराने की बात कही है। मेयर ने चुनौती देते हुए कहा कि वे पुणे बंद करके दिखाएं। उनके मुताबिक, शहर बंद होने से कॉलेज जाने वाले छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों को परेशानी हो सकती है।
मेयर बोलीं- छात्रों को राजनीति से दूर रहना चाहिए
मंजुषा नागपुरे ने कहा कि विद्यार्थी पुणे में पढ़ाई और करियर बनाने के लिए आए हैं। उन्होंने छात्रों से राजनीतिक दलों के पीछे नहीं चलने की अपील की और कहा कि छात्रों को अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान देना चाहिए।
मेयर ने यह सवाल भी उठाया कि क्या मौजूदा आंदोलन में सभी प्रदर्शनकारी वास्तव में छात्र हैं। उन्होंने शरद पवार और सुप्रिया सुले का नाम लेते हुए पूछा कि क्या उन्हें पुणे बंद कराने की मांग उचित लगती है।
हालांकि, मेयर ने यह भी कहा कि छात्रों को अपनी मांग रखने और आंदोलन करने का अधिकार है। उनकी आपत्ति सिर्फ इस बात को लेकर है कि आंदोलन की वजह से पुणे के आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। अब इस बयान पर रोहित पवार और आंदोलनकारियों की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।