राहुल गुप्ता
लोनावला, 7 अक्टूबर। महाराष्ट्र के लोनावला में संपत्ति विवाद ने खून के रिश्ते को शर्मसार कर दिया। जिस घटना को शुरुआत में राइफल साफ करते समय हुई आकस्मिक फायरिंग बताया गया था, जांच में वह हत्या का मामला निकला। आरोप है कि 83 वर्षीय दादा मोतीराम राजीव मराठे ने अपने 33 वर्षीय वकील पोते अभय माणिक मराठे को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी।
होटल परिसर में हुई खौफनाक वारदात
घटना लोनावला के भुशी गांव स्थित होटल मोतीराम के परिसर में हुई। मृतक अभय मराठे लोनावला के पूर्व नगर पार्षद माणिक मराठे के बेटे थे। आरोपी मोतीराम मराठे के पास 12-बोर की 2 लाइसेंसी राइफलें थीं, जिन्हें उन्होंने कई दशक पहले खरीदा था।
घटना के बाद परिवार की ओर से पुलिस को बताया गया कि राइफल साफ करते समय गलती से ट्रिगर दब गया और गोली अभय के सीने में जा लगी। इसके आधार पर लोनावला सिटी पुलिस ने शुरुआत में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था।
जांच में सामने आया संपत्ति विवाद
मेडिकल रिपोर्ट और गोली लगने के तरीके से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। जांच में सामने आया कि मोतीराम मराठे अपनी संपत्ति का एक हिस्सा बेचना चाहते थे, जबकि अभय इसका विरोध कर रहे थे। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच जमीन और संपत्ति के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था।
पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद मोतीराम ने अपनी लाइसेंसी राइफल से अभय पर गोली चला दी। गोली बेहद करीब से चलाई गई थी, जिससे पुलिस को इसे हादसा मानने के बजाय हत्या की दिशा में जांच करनी पड़ी।
सीसीटीवी का डीवीआर गायब, कर्मचारियों को धमकी
वारदात के बाद होटल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर गायब कर दिया गया। आरोप है कि सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए होटल कर्मचारियों को भी धमकाया गया।
मामला हत्या में बदलने के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने आरोपी दादा मोतीराम मराठे के साथ परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। इनमें हिरामण मोतीराम मराठे, मनोज हिरामण मराठे, कविता हिरामण मराठे और राजश्री दशरथ पवार के नाम शामिल हैं। इन पर सबूत मिटाने और कथित साजिश में सहयोग करने समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
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