10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी के बीच कार्यकर्ताओं ने नाम नोट करने, एफआईआर की धमकी और घर पहुंचकर पूछताछ के आरोप लगाए
राहुल गुप्ता
मुंबई, 8 अक्टूबर।
कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले महाराष्ट्र में पुलिस पर कार्यकर्ताओं को रोकने का दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। चंद्रपुर के बाद मुंबई और नागपुर के पार्टी सदस्यों ने भी पुलिस की ओर से पूछताछ, नाम नोट करने और प्रदर्शन में शामिल होने पर एफआईआर की चेतावनी देने का दावा किया है। पुलिस ने कहा है कि वह अपना काम कर रही है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पहले चंद्रपुर पुलिस पर पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से रोकने के लिए नोटिस जारी करने का आरोप लगाया था। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है। दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुई रैली के बाद इस प्रदर्शन का ऐलान किया था।
मुंबई में बैठक में नाम नोट करने का दावा
CJP सदस्य मयूर शर्मा के मुताबिक, बुधवार को डोंगरी के सना बैंक्वेट हॉल में पार्टी की बैठक के दौरान सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी पहुंचे। उन्होंने बैठक में मौजूद लोगों के नाम नोट किए और दीपके की ओर से साझा किए गए चंद्रपुर पुलिस के नोटिस को दिखाया। शर्मा का आरोप है कि 7-8 पुलिसकर्मियों ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में शामिल होने पर एफआईआर की चेतावनी दी।
CJP के मुंबई समन्वयक प्रणय अहिरे ने दावा किया कि उन्हें 6-7 पुलिस थानों से फोन आए और 10 अक्टूबर को उनकी योजनाओं के बारे में पूछा गया। एक अन्य सदस्य अजरुद्दीन ने भी नोटिस दिए जाने की चेतावनी मिलने का दावा किया।
नागपुर में घर पहुंची पुलिस, सदस्यों की संख्या पूछने का आरोप
नागपुर में CJP के पश्चिमी क्षेत्र के समन्वयक दुर्गेश कुहिके ने दावा किया कि पुलिस उनके घर पहुंची और पूछा कि शहर से कितने लोग जंतर-मंतर जाने की संभावना है। पार्टी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या और पहचान के बारे में भी जानकारी जुटाने की कोशिश की।
इस बीच, बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिवक्ता और शेतकरी कामगार पक्ष के सदस्य साम्या कोर्डे ने दावा किया कि जुलाई में हुए प्रदर्शनों के रिकॉर्ड के आधार पर कुछ प्रदर्शनकारियों की पहचान की गई हो सकती है। उन्होंने कहा कि नियमित नागरिकों को इस तरह फोन करना संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा सवाल उठाता है।
चंद्रपुर पुलिस ने बताया नोटिस को नियमित कार्रवाई
इससे पहले चंद्रपुर के बल्लारपुर पुलिस स्टेशन ने एक CJP समर्थक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 168 के तहत नोटिस दिया था। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया था कि कार्यकर्ताओं से दिल्ली जाने से बचने और यात्रा का खर्च कौन उठा रहा है, इसकी जानकारी देने को कहा गया।
हालांकि, चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने नोटिस को नियमित प्रक्रिया बताया। उनके मुताबिक, प्रदर्शन से पहले ऐसे नोटिस जारी करना सामान्य कार्रवाई है। पुलिस ने कहा कि उसे कुछ लोगों के दिल्ली प्रदर्शन में जाने की जानकारी मिली थी और उन्हें हिंसा या भड़काऊ भाषण से बचने तथा संबंधित पुलिस से अनुमति लेने के बारे में आगाह किया गया था।
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने जुलाई में CJP के पिछले प्रदर्शन में शामिल रहे करीब 2,800 लोगों को निगरानी के दायरे में रखा है।
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