सुनेत्रा पवार और सुनील तटकरे ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि; कहा- नाना की कमी हमेशा महसूस होती रहेगी
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 8 अक्टूबर। वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुनील तटकरे ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय कला जगत और समाज जीवन के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि उनके जाने से कला, सामाजिक सरोकार और व्यक्तिगत संबंधों के क्षेत्र में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई मुश्किल है।
बहुआयामी कलाकार के रूप में छोड़ी अमिट छाप
सुनेत्रा पवार ने कहा कि नाना पाटेकर ने भारतीय सिनेमा और रंगमंच पर अपने विशिष्ट और दमदार अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। उनके निधन से मराठी और भारतीय कला जगत ने एक बहुआयामी, संवेदनशील और प्रभावशाली कलाकार खो दिया है। रंगमंच से लेकर रुपहले पर्दे तक उन्होंने अपने स्वाभाविक और प्रभावशाली अभिनय से अनेक किरदारों को यादगार बनाया।
उन्होंने कहा कि ‘नटसम्राट’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों में नाना पाटेकर के अभिनय ने भारतीय सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी, जिसे दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे।
अभिनय के साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे
सुनेत्रा पवार ने कहा कि नाना पाटेकर केवल उत्कृष्ट अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि उनके व्यक्तित्व में अभिनय की सहजता और गहरी सामाजिक संवेदनशीलता का अनूठा संगम था। अभिनय के क्षेत्र में सफलता के शिखर पर पहुंचने के बावजूद उन्होंने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को कभी नजरअंदाज नहीं किया।
उन्होंने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से वंचित वर्गों, सूखा प्रभावित लोगों और किसानों के लिए नाना पाटेकर द्वारा किए गए कार्य हमेशा प्रेरणादायी रहेंगे।
‘पवार परिवार से आत्मीय संबंध थे’

सुनेत्रा पवार ने नाना पाटेकर के साथ पवार परिवार के आत्मीय संबंधों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर और अजित पवार के बीच बेहद करीबी और स्नेहपूर्ण संबंध थे। पारिवारिक सुख-दुःख के अवसरों पर वे हमेशा परिवार के साथ खड़े रहे।
उन्होंने कहा, “उनके निधन से मेरे और हमारे पूरे परिवार ने एक बेहद करीबी व्यक्ति को खो दिया है। यह व्यक्तिगत क्षति मेरे और पूरे परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है।”
‘नाना मेरे बेहद करीबी मित्र थे’: तटकरे
सुनील तटकरे ने नाना पाटेकर के निधन को अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि नाना केवल उनके पुराने मित्र नहीं थे, बल्कि जीवन के कई सुख-दुःख के क्षणों में साथ खड़े रहने वाले बेहद करीबी मित्र थे। वे अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित करते थे और जरूरत पड़ने पर बेबाकी से उनकी गलतियां भी बताते थे।
तटकरे ने कहा कि नाना के साथ बिताए अनगिनत पल अब उनकी आंखों के सामने आ रहे हैं। उन्होंने नाना के प्रकृति और पर्यावरण के प्रति लगाव, खुले स्वभाव, स्पष्टवादिता और लोगों से सहजता से जुड़ने की क्षमता को याद किया।
‘महान अभिनेता के साथ संवेदनशील इंसान भी थे’
तटकरे ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने असाधारण अभिनय के दम पर कला जगत में मजबूत और अडिग स्थान बनाया। हालांकि, उनके लिए नाना की पहचान केवल एक महान अभिनेता के रूप में नहीं थी, बल्कि वे दिल से बड़े और इंसानियत को संजोकर रखने वाले संवेदनशील व्यक्ति थे।
‘आपकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी’
तटकरे ने कहा कि एक करीबी मित्र को खोने की पीड़ा मन में है। नाना पाटेकर के निधन से जो कमी महसूस हो रही है, वह हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने कहा, “आपकी यादें हमेशा मेरे मन में जीवित रहेंगी।” सुनेत्रा पवार और सुनील तटकरे ने नाना पाटेकर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कला और सामाजिक योगदान को स्मरण किया।
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