फडणवीस, शिंदे समेत नेताओं ने जताया शोक; कला के साथ किसानों और जरूरतमंदों के लिए योगदान को भी किया याद
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 8 अक्टूबर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से मराठी और हिंदी सिनेमा के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर का गुरुवार तड़के गोवा के पणजी में निधन हो गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर और सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए पुणे स्थित फार्म हाउस में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है।
‘नाना का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत आघात’ : फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर को अपना करीबी मित्र बताते हुए कहा कि उनका अचानक निधन व्यक्तिगत रूप से बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि नाना जितने बड़े कलाकार थे, उतने ही संवेदनशील और बड़े दिल वाले इंसान भी थे। ‘क्रांतिवीर’ से ‘नटसम्राट’ तक उनके अभिनय की कोई बराबरी नहीं थी। उनकी निडरता और मानवीय संवेदनशीलता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।
किसानों और जरूरतमंदों के लिए भी निभाई जिम्मेदारी
फडणवीस ने कहा कि जलयुक्त शिवार अभियान के दौरान नाना पाटेकर ने स्वयं आगे बढ़कर अभियान का समर्थन किया था। अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना कर किसानों और सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि नाना का जाना कला और समाज, दोनों क्षेत्रों के लिए बड़ी क्षति है।
‘मैंने एक सच्चा और दिल से जुड़ा दोस्त खो दिया’ : शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नाना पाटेकर के निधन को अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया। उन्होंने कहा कि नाना संवाद अदायगी और अभिनय की बारीकियों के लिए अपनी अलग शैली रखते थे और वे अभिनय की जीवंत पाठशाला थे। पर्दे पर प्रभावशाली और तेवरदार नजर आने वाले नाना वास्तविक जीवन में बेहद सरल और जमीन से जुड़े इंसान थे। शिंदे ने पुणे में अनंत चतुर्दशी के दिन नाना से हुई अपनी आखिरी मुलाकात को भी याद किया।
‘अभिनय की दुनिया ने संवेदनशील कलाकार खो दिया’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि नाना पाटेकर ने ‘अंकुश’, ‘पुरुष’, ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। ‘नटसम्राट’ में उनके अभिनय ने उनकी अदाकारी की गहराई को एक बार फिर सामने रखा। चव्हाण ने उनके तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित होने का भी उल्लेख किया।
‘सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति’
विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर ने कहा कि चार दशकों से अधिक समय तक नाना पाटेकर ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। उनकी आवाज, संवाद अदायगी और आंखों की अभिव्यक्ति हमेशा याद की जाएगी। उन्होंने कहा कि नाना केवल पर्दे के अभिनेता नहीं थे, बल्कि समाज की समस्याओं से सीधे जुड़े संवेदनशील व्यक्तित्व भी थे।
राजकीय सम्मान के साथ पुणे में अंतिम संस्कार
सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय फिल्म उद्योग के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि नाना ने रंगमंच, फिल्मों और सामाजिक कार्यों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई। उनके योगदान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का निर्णय लिया है। पुणे स्थित उनके फार्म हाउस में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
फिल्म जगत की हस्तियों ने भी दी श्रद्धांजलि
अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अनुपम खेर, सनी देओल, सुनील शेट्टी, प्रकाश राज सहित कई फिल्मी हस्तियों ने नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। कलाकारों ने उनके दमदार अभिनय, बेबाक व्यक्तित्व, सादगी और मानवीय संवेदनशीलता को याद करते हुए कहा कि नाना की कमी लंबे समय तक महसूस होती रहेगी।
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