बिना टिकट यात्रा पर मध्य रेल की सख्ती, छह माह में 20.47 लाख यात्री पकड़े

मध्य रेल ने जुर्माने से ₹159.34 करोड़ की वसूली, प्रतिदिन औसतन 11,184 यात्रियों पर कार्रवाई

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 8 अक्टूबर। मध्य रेल ने सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक रेल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा के खिलाफ पूरे नेटवर्क में टिकट जांच अभियान तेज कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर तक रेलवे ने 20.47 लाख यात्रियों को बिना टिकट, अनुचित अथवा अमान्य यात्रा प्राधिकार के साथ पकड़ा और उनसे ₹159.34 करोड़ का जुर्माना वसूल किया। यह प्रतिदिन औसतन 11,184 यात्रियों पर कार्रवाई और ₹87 लाख से अधिक की औसत दैनिक वसूली के बराबर है।

पिछले वर्ष की तुलना में जुर्माना वसूली में 37 प्रतिशत से अधिक वृद्धि

अप्रैल से सितंबर 2025 की समान अवधि में मध्य रेल ने 20.05 लाख मामले पकड़े थे और ₹116.46 करोड़ का जुर्माना वसूला था। इसकी तुलना में इस वर्ष मामलों की संख्या में मामूली वृद्धि के साथ जुर्माना वसूली में 37 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। रेलवे के अनुसार, सघन टिकट जांच और न्यूनतम जुर्माने में वृद्धि इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

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मुंबई मंडल में सबसे अधिक मामले

अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान मंडलवार कार्रवाई में मुंबई मंडल सबसे आगे रहा। यहां 10.11 लाख मामलों में ₹66.92 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। वहीं भुसावल मंडल में 3.77 लाख मामलों से ₹38.90 करोड़, पुणे मंडल में 2.13 लाख मामलों से ₹18.68 करोड़, नागपुर मंडल में 2.36 लाख मामलों से ₹17.93 करोड़ और सोलापुर मंडल में 1.10 लाख मामलों से ₹7.27 करोड़ की वसूली हुई। मध्य रेल के मुख्यालय स्तर पर 0.99 लाख मामलों में ₹9.63 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

सितंबर में 2.44 लाख यात्रियों पर कार्रवाई

सितंबर 2026 में भी टिकट जांच अभियान जारी रहा। इस दौरान मध्य रेल की टीमों ने 2.44 लाख यात्रियों को बिना टिकट या वैध यात्रा प्राधिकार के बिना यात्रा करते पकड़ा और उनसे ₹18.53 करोड़ का जुर्माना वसूल किया।

स्टेशन से ट्रेनों तक सघन जांच अभियान

मध्य रेल ने बिना टिकट यात्रा रोकने के लिए स्टेशन जांच, एम्बुश चेक, फोर्ट्रेस चेक, गहन टिकट जांच और मेगा टिकट जांच जैसे अभियान चलाए हैं। ये अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर और विशेष ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे मंडलों की उपनगरीय ट्रेनों में भी संचालित किए जा रहे हैं। बिना टिकट यात्रा के न्यूनतम जुर्माने को ₹250 से बढ़ाकर ₹500 किए जाने के बाद भी रेलवे ने जांच अभियान को और व्यापक किया है।

वैध टिकट लेकर यात्रा करने की अपील

रेलवे के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इससे रेलवे के राजस्व पर भी असर पड़ता है, जिसका उपयोग यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाता है। मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा उचित और वैध टिकट लेकर यात्रा करें, ताकि उन्हें जुर्माने और अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।

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