बंद पड़े हाइड्रेंट दोबारा शुरू करने और जरूरत के अनुसार नए हाइड्रेंट लगाने की मांग, मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े को लिखा पत्र
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 9 अक्टूबर। मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल की समस्या पर नियंत्रण पाने के साथ ही अग्निशमन दल तथा सार्वजनिक उद्यानों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों के सभी विभागों में स्वतंत्र ‘हाइड्रेंट पॉलिसी’ लागू करने की मांग की गई है। कांग्रेस के गुटनेता अशरफ आजमी ने इस संबंध में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर बंद पड़े हाइड्रेंट दोबारा शुरू करने और आवश्यक स्थानों पर नए हाइड्रेंट स्थापित करने की मांग की है।
टैंकरों पर निर्भरता कम करने पर जोर
आजमी ने पत्र में कहा कि मुंबई में वायु प्रदूषण और धूल की समस्या से निपटने के लिए अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है। मुंबई की सड़कों की धुलाई के लिए जेटिंग प्रणाली से लैस पानी के टैंकर किराये पर लेने का प्रस्ताव मनपा की स्थायी समिति के समक्ष पेश किया गया था, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया। ऐसे में सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण के लिए वैकल्पिक एवं दीर्घकालिक व्यवस्था तैयार करना आवश्यक है।
बंद पड़े हाइड्रेंट का सर्वेक्षण कराने की मांग
आजमी के अनुसार, मुंबई की कई सड़कों पर पहले पानी के हाइड्रेंट उपलब्ध थे, लेकिन समय के साथ सड़क निर्माण, फुटपाथों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों के कारण कई हाइड्रेंट बंद हो गए या इस्तेमाल के योग्य नहीं रहे। उन्होंने मांग की है कि सभी मौजूदा हाइड्रेंट का सर्वेक्षण कर उनकी स्थिति की जांच की जाए। बंद और खराब हाइड्रेंट की सूची तैयार करके उनकी मरम्मत की जाए और उन्हें दोबारा चालू किया जाए।
सड़कों की धुलाई से धूल पर लगेगी लगाम
मुंबई की प्रमुख सड़कों, आंतरिक मार्गों और धूल से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पानी का छिड़काव करने तथा सड़कों की धुलाई के लिए हाइड्रेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सड़क की धूल को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, उपयुक्त स्थानों पर हाइड्रेंट उपलब्ध होने से पानी के टैंकरों पर निर्भरता घटाने और मनपा के खर्च में बचत की संभावना भी है।
अग्निशमन दल और उद्यानों को भी मिलेगा लाभ
आजमी ने हाइड्रेंट व्यवस्था को केवल सड़क की धुलाई तक सीमित न रखने की मांग की है। उनका कहना है कि चालू हाइड्रेंट अग्निशमन दल के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। आग लगने की घटनाओं के दौरान आवश्यक स्थानों पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में इससे मदद मिलेगी। इसके अलावा, सड़कों के किनारे, डिवाइडर और सार्वजनिक उद्यानों में लगे पेड़-पौधों को पानी देने के लिए भी इस व्यवस्था का नियोजनबद्ध उपयोग किया जा सकता है।
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जरूरत
कांग्रेस गुटनेता ने मनपा के जल अभियंता विभाग, अग्निशमन दल, ठोस कचरा प्रबंधन विभाग और उद्यान विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक हाइड्रेंट नीति तैयार करने की मांग की है। इसके तहत हाइड्रेंट के स्थान, पानी की उपलब्धता, नियमित रखरखाव, उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया निर्धारित की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जहां हाइड्रेंट उपलब्ध नहीं हैं, वहां तकनीकी व्यवहार्यता की जांच कर नए हाइड्रेंट स्थापित किए जाएं। आजमी ने मनपा प्रशासन से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।