11 वर्षीय छात्र की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत, मुख्याध्यापक और शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग पर आदिवासी संगठनों ने भी खोला मोर्चा
राहुल गुप्ता
भिवंडी, 9 अक्टूबर। महाराष्ट्र के भिवंडी तालुका के पिसे स्थित आदिवासी आश्रम स्कूल में पढ़ने वाले 11 वर्षीय छात्र की मौत के बाद मामला गरमा गया है। छात्र की मौत से नाराज परिजनों और आदिवासी संगठनों ने शहापुर स्थित आदिवासी परियोजना अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने स्कूल के मुख्याध्यापक और शिक्षकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अस्पताल में उपचार के दौरान छात्र की मौत
मृतक छात्र की पहचान विवेक सुभाष भोये के रूप में हुई है। वह पिसे स्थित आदिवासी आश्रम स्कूल में कक्षा 5वीं में पढ़ता था। उसकी शहापुर उपजिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार ने स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि छात्र को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इसके बाद स्कूल के शिक्षक कथित तौर पर उसे अस्पताल में छोड़कर चले गए। परिवार ने इस मामले में मुख्याध्यापक और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
अधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे परिजन
छात्र की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर परिजन शहापुर स्थित आदिवासी परियोजना अधिकारी कार्यालय पहुंचे। परिजनों के अनुसार, वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इससे नाराज परिवार और आदिवासी संगठनों के सदस्यों ने कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छात्र की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की जाए। धरने के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।