दशहरे से पहले किसानों के खातों में जमा करें एक लाख रुपये : हर्षवर्धन सपकाल

दुष्काल घोषित करने के बावजूद किसानों को राहत नहीं; कुंभ मेले और शक्तिपीठ महामार्ग के बजट से मदद देने की मांग,दिल्ली में आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई और एमपीएससी छात्रों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई/जलगांव, 10 अक्टूबर। महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार से दशहरे से पहले किसानों के बैंक खातों में प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये जमा करने की मांग की है। उन्होंने किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस माफ करने और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की। सपकाल ने कहा कि सरकार ने सूखा घोषित तो कर दिया है, लेकिन किसानों तक आर्थिक सहायता अब तक नहीं पहुंची है।

सपकाल ने जलगांव और धुले जिलों के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा कर किसानों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सरकार की राहत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वेक्षण, पंचनामे और केंद्रीय दलों के निरीक्षण के नाम पर प्रक्रिया लंबी करने के बजाय किसानों को सीधे आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।

50 प्रतिशत से कम बारिश से संकट, किसानों को तत्काल सहायता की मांग

Advertisement

सपकाल ने कहा कि इस वर्ष कम बारिश के कारण राज्य के किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे समय में सरकार को केवल घोषणाएं करने के बजाय राहत उपायों को जमीन पर लागू करना चाहिए। उन्होंने किसानों के साथ खेतिहर मजदूरों को भी आर्थिक सहायता देने, सालाना 12 गैस सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराने तथा पशुओं के लिए तत्काल चारा शिविर शुरू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पीने के पानी और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना जरूरी है। किसानों पर कर्ज वसूली का दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। सपकाल के मुताबिक, सरकारी घोषणाओं के बावजूद किसानों को मदद नहीं मिल रही है और साहूकारों की ओर से भी कर्ज वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

कुंभ मेले और शक्तिपीठ महामार्ग का बजट किसानों के लिए इस्तेमाल करें

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के पास कुंभ मेले के लिए 36 हजार करोड़ रुपये और शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। उन्होंने मांग की कि इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित निधि में से किसानों की सहायता के लिए राशि उपलब्ध कराई जाए।

सपकाल ने जलजीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने के लिए भी ठोस कदम उठाने चाहिए।

दिल्ली में आंदोलनकारियों पर कार्रवाई को बताया लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय

सपकाल ने दिल्ली में विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने दावा किया कि रेल और मेट्रो सेवाएं भी प्रभावित की गईं।

उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग का उल्लेख किया। सपकाल ने आरोप लगाया कि चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर उठने वाली आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पूछा कि क्या भाजपा चुनाव आयोग का बचाव करने के लिए आगे आई है।

एमपीएससी छात्रों की मांगें मानने की अपील

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के विद्यार्थियों के आंदोलन पर सपकाल ने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही छात्रों की मांगों का समर्थन कर रही है। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे, 70 हजार पदों पर भर्ती और आयोग में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की।

सपकाल ने आरोप लगाया कि सरकार विद्यार्थियों के आंदोलन को दबाने के लिए उनके खिलाफ मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर विचार कर उनका समाधान किया जाना चाहिए।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh