राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति ने पात्र किसानों के कृषि ऋण के पुनर्गठन और अगली बुवाई के लिए नया या अतिरिक्त कर्ज देने के निर्देश जारी किए।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 11 अक्टूबर। महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक में पात्र किसानों के कृषि ऋण का पुनर्गठन करने और खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए नया या अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया। समिति ने सभी सदस्य बैंकों को इन उपायों पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए हैं।
कर्ज चुकाने की अवधि में बदलाव की सुविधा
राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के प्राकृतिक आपदा राहत संबंधी दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए यह बैठक आयोजित की गई। इसकी संयुक्त अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के अध्यक्ष एवं बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक प्रभात किरण ने की।
बैठक में सूखे से प्रभावित उन किसानों के कृषि ऋण खातों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया, जो रिजर्व बैंक के निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र होंगे। इस प्रक्रिया में कर्ज चुकाने की अवधि का नए सिरे से निर्धारण, बकाया ब्याज को अलग ऋण सुविधा में बदलने और जरूरत के अनुसार अन्य राहत उपायों को शामिल किया जा सकता है।
अगली बुवाई के लिए भी मिल सकेगा कर्ज
बैठक में यह भी तय किया गया कि ऋण पुनर्गठन के कारण पात्र किसानों को आगामी बुवाई के मौसम के लिए वित्तीय सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके तहत खेती और उससे जुड़े व्यवसायों की जरूरतों के साथ-साथ आवश्यक कार्यशील पूंजी के लिए नया या अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।
समिति ने सभी सदस्य बैंकों को फैसले पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस राहत का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके ऋण खाते रिजर्व बैंक के निर्धारित मानकों के तहत पात्र पाए जाएंगे।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में केंद्र सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के संयुक्त सचिव आशीष मोरे, रिजर्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारी सचिन शेंडे और पुनीत पंचोली, सहकारिता एवं विपणन विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे तथा कृषि विभाग के सचिव परिमल सिंह शामिल हुए।
इसके अलावा नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ए. वी. भवानीशंकर, महाप्रबंधक विवेक नाचणे, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सार्वजनिक, निजी तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। राज्य के सभी अग्रणी जिला बैंकों के प्रबंधकों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
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