अगस्त क्रांति मैदान में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए महात्मा गांधी के परपोते ने अभिजीत दिपके और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 11 अक्टूबर। महात्मा गांधी के परपोते और सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने करीब सात घंटे तक हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया। वह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अगस्त क्रांति मैदान में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। तुषार गांधी के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें सुबह करीब 11 बजे हिरासत में लेकर डीएन नगर पुलिस स्टेशन पहुंचाया था। बाद में दोपहर करीब 3 बजे मेडिकल जांच कराने के बहाने उन्हें बोरीवली पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
तुषार गांधी ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस अधिकारी से पूछा कि उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय बोरीवली पुलिस स्टेशन क्यों लाया गया, तो अधिकारी ने कहा कि डीएन नगर पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ बढ़ रही थी। इसी वजह से उन्हें दूसरे पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित किया गया।
घर से निकलते ही पुलिस ने शुरू किया पीछा
दिल्ली के साथ मुंबई में भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। तुषार गांधी ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। उनके अनुसार, पुलिस सुबह से ही उनके घर पर नजर रख रही थी। जब वह अगस्त क्रांति मैदान जाने के लिए निकले, तो उन्हें बांद्रा स्थित नेशनल कॉलेज के पास हिरासत में ले लिया गया।
आदित्य ठाकरे से फोन पर कराई गई बात
तुषार गांधी ने दावा किया कि जब पुलिस को पता चला कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे उनसे मिलने आ रहे हैं, तो उन्हें मेडिकल जांच के बहाने बोरीवली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां पुलिस ने उन्हें बताया कि डीएन नगर पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन हो रहा है और आदित्य ठाकरे उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों की फोन पर बात कराई और तुषार गांधी को घर जाने दिया।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उनका मोबाइल फोन फ्लाइट मोड पर डाल दिया था।
अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी पर भी सवाल
तुषार गांधी ने सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के अभिजीत दिपके और उनके सहयोगियों को हिरासत में लिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन अब यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंच गया है।
करीब 400 लोगों को हिरासत में लेने का दावा
मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 400 लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई। इनमें तुषार गांधी के अलावा अभिनेता इमरान खान भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें कठोर तरीके से हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
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