संजय राऊत और उद्धव ठाकरे पर भी साधा निशाना, विपक्ष की राजनीति पर उठाए सवाल,मोदी और फडणवीस के नेतृत्व का समर्थन
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 11 अक्टूबर। महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने पत्रकार परिषद में एमपीएससी विद्यार्थियों के आंदोलन को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहित पवार विद्यार्थियों के मुद्दों की आड़ में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। बन ने सवाल किया कि आंदोलन विद्यार्थियों की मांगों के लिए है या रोहित पवार की राजनीतिक लॉन्चिंग के लिए।
विद्यार्थियों के आंदोलन पर उठाए सवाल
नवनाथ बन ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, लेकिन उनके कंधों पर बंदूक रखकर सरकार के खिलाफ राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने आंदोलन में विद्यार्थियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही पूछा कि सरकार द्वारा मांगें मान लिए जाने के बाद भी आंदोलन जारी रखने की जरूरत क्यों है। उन्होंने रोहित पवार को सलाह दी कि यदि वे मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, तो विद्यार्थियों के आंदोलन का सहारा लेने के बजाय जनता के बीच जाकर समर्थन हासिल करें।
संजय राऊत और उद्धव ठाकरे पर पलटवार
संजय राऊत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बन ने आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों से पूछताछ करना आपातकाल जैसी स्थिति नहीं है। लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बोलने से पहले विपक्ष को अपने राजनीतिक इतिहास पर भी विचार करना चाहिए। उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने भाजपा नेता नारायण राणे की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया और उनके शासनकाल में पुलिस के कथित दुरुपयोग को लेकर सवाल किए।
मोदी और फडणवीस के नेतृत्व का समर्थन
बन ने विश्वास जताया कि जनता का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ है। उन्होंने भाजपा की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के लिए राष्ट्र प्रथम, पार्टी बाद में और स्वयं सबसे अंत में का सिद्धांत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद का कड़ा जवाब देने में सक्षम है।
आंदोलन और कानून के पालन पर जोर
दिल्ली में हुए आंदोलनों का उल्लेख करते हुए बन ने कहा कि संविधान नागरिकों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार देता है, लेकिन कानून का पालन करना भी जरूरी है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर आंदोलन के दौरान स्थानीय निवासियों, वरिष्ठ नागरिकों और खिलाड़ियों को होने वाली परेशानी से बचने की अपील की। तुषार गांधी के मामले में उन्होंने दावा किया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर चुनौती
भाजपा प्रवक्ता ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पार्टी की जीत का विश्वास जताया। उन्होंने उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे को उत्तर प्रदेश में सभाएं करके अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की चुनौती दी। बन की पत्रकार परिषद में विपक्षी नेताओं पर राजनीतिक आरोप लगाने के साथ ही आंदोलन, राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। हालांकि, रोहित पवार और अन्य विपक्षी नेताओं पर लगाए गए आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही विवाद के सभी पहलुओं का आकलन किया जा सकेगा।
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