चलती एंबुलेंस से स्ट्रेचर समेत सड़क पर गिरा मरीज, डेढ़ मिनट तक बेखबर रहा चालक

पिंपरी के वाईसीएम अस्पताल से ससून ले जाते समय हुई घटना, लापरवाही सामने आने पर चालक और कर्मचारी को नोटिस

राहुल गुप्ता

पुणे, 12 अक्टूबर। महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में यशवंतराव चव्हाण स्मृति अस्पताल (वाईसीएम) से पुणे के ससून जनरल अस्पताल ले जाते समय एक बेघर मरीज चलती एंबुलेंस से स्ट्रेचर समेत सड़क पर गिर गया। एंबुलेंस का पिछला दरवाजा खुला होने के कारण यह घटना हुई। हैरानी की बात यह रही कि मरीज के सड़क पर गिरने के बाद भी चालक को इसकी जानकारी नहीं हुई और वह वाहन लेकर आगे बढ़ गया। करीब 90 सेकंड बाद एंबुलेंस वापस लौटी। गनीमत रही कि उस समय पीछे से कोई तेज रफ्तार वाहन नहीं आ रहा था। स्थानीय लोगों की तत्परता से मरीज की जान बच गई।

अस्पताल से निकलते ही सड़क पर गिरा मरीज

संक्रमण से पीड़ित एक बेघर मरीज का पिंपरी स्थित वाईसीएम अस्पताल में इलाज चल रहा था। पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे आगे के उपचार के लिए पुणे के ससून जनरल अस्पताल भेजने का निर्णय लिया गया था। मरीज के साथ कोई परिजन नहीं होने के कारण नियमों के अनुसार एंबुलेंस में एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था।

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बताया गया कि वाईसीएम अस्पताल के मुख्य द्वार से एंबुलेंस बाहर निकलते ही उसका पिछला दरवाजा अचानक खुल गया। इससे मरीज स्ट्रेचर समेत सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद भी चालक को घटना का पता नहीं चला और एंबुलेंस आगे निकल गई।

सुरक्षा व्यवस्था में सामने आईं गंभीर खामियां

प्रारंभिक जांच में एंबुलेंस में सुरक्षा संबंधी कई खामियां सामने आने की बात कही गई है। बताया गया कि अंदर मौजूद स्ट्रेचर के पहियों को ठीक से लॉक नहीं किया गया था। मरीज के पास पीछे मौजूद रहने की जिम्मेदारी वाले कर्मचारी या वार्ड बॉय के चालक के बगल वाली सीट पर बैठने की बात भी सामने आई है।

आरोप है कि एंबुलेंस का पिछला दरवाजा भी ठीक से बंद नहीं किया गया था। इसी दौरान स्ट्रेचर खिसककर दरवाजे से टकराया और मरीज सड़क पर गिर गया।

नागरिकों ने संभाला मोर्चा, चालक और वार्ड बॉय में बहस

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मरीज को सड़क पर गिरा देखकर स्थानीय नागरिक तुरंत उसकी मदद के लिए पहुंचे और उसे सुरक्षित रूप से सड़क के किनारे ले गए।

करीब डेढ़ मिनट बाद एंबुलेंस वापस लौटी। इसके बाद चालक और वार्ड बॉय एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बहस करते दिखाई दिए। वहीं, एंबुलेंस में मौजूद पुलिसकर्मी ने बताया कि पिछला दरवाजा ठीक से बंद नहीं था।

चालक और संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस

वाईसीएम अस्पताल प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया है। अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. राजेंद्र वाबले ने बताया कि लापरवाही के मामले में चालक और संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है। इस घटना ने मरीजों को अस्पतालों के बीच स्थानांतरित करते समय एंबुलेंस में सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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