मनपा के आंकड़ों में 97,181 पौधे लगाने का दावा, लेकिन कई श्रेणियों में प्रगति बेहद कम; पर्यावरण प्रेमियों ने पौधारोपण की गूगल मैपिंग और निगरानी की मांग की।
राहुल गुप्ता
नागपुर, 13 अक्टूबर। नागपुर महानगरपालिका की ओर से 5 लाख पौधे लगाने के अभियान का जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है, लेकिन गार्डन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग के आंकड़ों में अब तक 97,181 पौधे लगाने का दावा किया जा रहा है, जबकि अभियान की वास्तविक प्रगति और पौधों के वितरण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि पौधारोपण के आंकड़ों में पौधों के वितरण को भी शामिल किया गया है, जबकि पौधे बांटना और उन्हें जमीन पर लगाना अलग-अलग बातें हैं।
अभियान के तहत गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क, सरकारी और निजी संस्थानों, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), नगरसेवकों, ब्लॉक पौधारोपण, सड़क किनारे पौधे लगाने और जनसहभागिता जैसी विभिन्न श्रेणियों में लक्ष्य निर्धारित किए गए थे। हालांकि, कई श्रेणियों में दर्ज प्रगति लक्ष्य से काफी पीछे बताई जा रही है।
गोरेवाड़ा पार्क में 40,000 पौधे लगाने का लक्ष्य
गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क में 40,000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। विभाग के अनुसार, यहां अब तक 28,325 पौधे लगाए जा चुके हैं। यह अभियान की किसी एक जगह पर सबसे बड़ी बताई गई संख्या है, लेकिन निर्धारित लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है।
पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि पौधारोपण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पौधे के स्थान की गूगल मैपिंग की जानी चाहिए। इससे आम लोग भी पौधारोपण की वास्तविक स्थिति देख सकेंगे और लगाए गए पौधों की निगरानी में मदद मिलेगी।
सरकारी और निजी संस्थानों में लक्ष्य से काफी कम पौधारोपण
नागपुर मनपा ने सरकारी प्रतिष्ठानों, निजी संस्थानों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से 1,00,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस श्रेणी में अब तक केवल 3,000 पौधे लगाए गए हैं।
वहीं, सीएसआर के माध्यम से मिलने वाले पौधों और नगरसेवकों के जरिए पौधारोपण के लिए 22,000 पौधों का लक्ष्य रखा गया था। विभाग ने इस श्रेणी में 19,153 पौधे लगाए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कई नगरसेवकों को पौधे वितरित ही नहीं किए गए। कुछ नगरसेवकों को पौधे मिलने के कुछ ही दिनों बाद आचार संहिता लागू होने से अभियान की गति प्रभावित हुई।
डिवाइडर और सड़क किनारे पौधारोपण की प्रगति शून्य
डिवाइडर में पौधे लगाने के लिए 10,000 का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस श्रेणी में एक भी पौधा नहीं लगाया गया। इसी तरह, सड़क किनारे 20,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन यहां भी अब तक शून्य प्रगति दर्ज की गई है।
ब्लॉक पौधारोपण के तहत 50,000 पौधे लगाने का लक्ष्य था, जबकि विभाग के अनुसार केवल 500 पौधे लगाए गए हैं। जनसहभागिता के माध्यम से 25,000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 10,389 पौधे लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
लक्ष्य पूरा करने के साथ पौधों की देखभाल भी जरूरी
विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कुल 1,67,000 पौधे लगाने के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक 97,181 पौधे लगाए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में इसे कुल लक्ष्य का लगभग 26.5 प्रतिशत बताया गया है, हालांकि दिए गए कुल लक्ष्य और पौधारोपण के आंकड़ों के आधार पर इस प्रतिशत की दोबारा पुष्टि जरूरी है।
पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि पौधारोपण को केवल संख्या तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। पौधों का सही स्थान पर लगाया जाना, नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। अभियान के वास्तविक परिणाम सामने लाने के लिए आंकड़ों की पारदर्शिता, गूगल मैपिंग और नियमित निगरानी की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
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