महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने बीएमसी मुख्यालय में की समीक्षा बैठक; दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा 26 अक्टूबर तक बढ़ी
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 13 अक्टूबर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएं। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने मंगलवार को अधिकारियों को यह निर्देश दिया। उन्होंने प्रारूप मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरणों को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित तरीके से पूरी करने पर जोर दिया।
26 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां
एसआईआर-2026 के तहत जारी प्रारूप मतदाता सूची में नाम या अन्य प्रविष्टियों को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 26 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अवधि में दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जाए। साथ ही, मतदाताओं को आवेदन करने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बीएमसी मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक
बृहन्मुंबई क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा के लिए 13 अक्टूबर को बीएमसी मुख्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम और जिला निर्वाचन अधिकारी तथा बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े प्रमुख रूप से उपस्थित थीं।
बैठक में एसआईआर की प्रगति, प्रारूप मतदाता सूची से संबंधित दावे-आपत्तियों और मतदाताओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा की गई।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अतिरिक्त नगर आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर और अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अतिरिक्त नगर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे उपस्थित थे।
इसके अलावा मुंबई उपनगर जिले के जिलाधिकारी एवं अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ कटियार, महाराष्ट्र के उप सचिव तथा सह मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोहर पारकर और सह आयुक्त (कर निर्धारण एवं संग्रह) विश्वास शंकरवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र मतदाता अपने नाम और विवरण से संबंधित दावे एवं आपत्तियां समय पर दर्ज करा सकें।
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