विधान परिषद चुनाव में भाजपा के ‘पैसे के अहंकार’ को हराएं : हर्षवर्धन सपकाल

पुणे में महाविकास आघाड़ी के प्रचार सम्मेलन में भाजपा पर निशाना; पृथ्वीराज चव्हाण बोले- विज्ञापनबाजी से नहीं, मजबूत शिक्षा व्यवस्था से होगा विकास

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई/पुणे, 13 अक्टूबर। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा पर चुनावों में धनबल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए मतदाताओं से विधान परिषद चुनाव में उसे सबक सिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भाजपा में पैसे के दम पर चुनाव जीतने का अहंकार बढ़ रहा है। मतदाताओं को यह दिखाना चाहिए कि लोकतंत्र में वोट खरीदे नहीं जा सकते। उन्होंने महाविकास आघाड़ी के सभी पांच उम्मीदवारों को विजयी बनाने का आह्वान किया।

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए प्रचार

पुणे के बालगंधर्व रंगमंदिर में पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों प्रो. जयंत आसगांवकर और हर्षदा देशमुख-जाधव के समर्थन में प्रचार सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शरद पवार ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

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इसके अलावा पूर्व मंत्री विश्वजीत कदम, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे, पूर्व मंत्री जयंत पाटिल, सांसद धैर्यशील मोहिते पाटिल, पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल, कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, विधायक बापूसाहेब पठारे और अन्य नेता उपस्थित थे।

चुनाव आयोग और एमपीएससी पर भी उठाए सवाल

सपकाल ने आरोप लगाया कि देश की विभिन्न संस्थाओं पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर लोगों में अविश्वास है और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) पर भी युवाओं का भरोसा कम हुआ है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए योग्य और शिक्षित जनप्रतिनिधियों का सदन में पहुंचना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से जुड़े सवालों तथा उनकी समस्याओं को विधान परिषद में प्रभावी ढंग से उठाने के लिए महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों को समर्थन मिलना चाहिए।

पुरानी पेंशन योजना पर अपना रुख दोहराया

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी कई शैक्षणिक संस्थाओं को भी अनुमति दी गई थी। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि महाविकास आघाड़ी ने 2024 के घोषणापत्र में इसे लागू करने का वादा किया था। सत्ता में नहीं आने के बावजूद गठबंधन इस मांग पर कायम है।

भाजपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था कमजोर होने का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों पर भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य में सूखे की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का उचित समाधान करती दिखाई नहीं दे रही है।

चव्हाण ने कहा कि 2012-13 में कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस गठबंधन की सरकार के दौरान सूखे की स्थिति से निपटने और किसानों को सहायता देने के प्रयास किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र की स्थिति बिगड़ी है।

‘विकसित भारत’ के लिए मजबूत शिक्षा संस्थान जरूरी

चव्हाण ने कहा कि सरकार ‘विकसित भारत’ का सपना दिखा रही है, लेकिन केवल विज्ञापनबाजी से विकास नहीं हो सकता। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में देश की प्रगति के लिए बौद्धिक क्षमता और कौशल विकास पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए शिक्षा संस्थानों को मजबूत बनाना होगा।

उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ युवाओं और जनता में असंतोष होने का दावा करते हुए महाविकास आघाड़ी के कार्यकर्ताओं से अंतिम समय तक मेहनत करने और मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। चव्हाण ने विश्वास जताया कि कार्यकर्ता दृढ़ता से प्रयास करेंगे तो पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के दोनों उम्मीदवार चुनाव जीत सकते हैं।

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