न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 14 अक्टूबर। त्योहारों के बीच दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए मालाड पश्चिम स्थित ब्रिजवासी और भांडुप स्थित जेप्टो के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। वहीं, रायगढ़ जिले के तलोजा में तीन डेयरी इकाइयों पर छापेमारी के दौरान करीब 3.89 लाख रुपये का दूध, पनीर और दही जब्त या नष्ट किया गया। इन इकाइयों के लाइसेंस अथवा पंजीकरण भी निलंबित किए गए हैं।
डेयरियों में मिलीं गंभीर खामियां
एफडीए के अनुसार, तलोजा स्थित सावरिया मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट्स में वैध लाइसेंस या पंजीकरण के बिना दूध का भंडारण करने, खरीद-बिक्री के बिल और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने तथा साफ-सफाई में गंभीर लापरवाही सामने आई। माहेश्वरी फूड्स की पनीर उत्पादन इकाई में छिपकली मिलने, गंदगी, दुर्गंध और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने जैसी खामियां पाई गईं। वहीं, रॉयल फूड्स में दही के पैकेट पर दर्ज पोषण संबंधी जानकारी और प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट में विसंगति मिली। उत्पादन के लिए वैध लाइसेंस नहीं होने और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन का मामला भी सामने आया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर कार्रवाई
एफडीए ने बताया कि मालाड पश्चिम स्थित मेसर्स कृष्णम रिटेल्स एलएलपी (ब्रिजवासी) की जांच में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाली खामियां मिलीं। इसके बाद 10 अक्टूबर से उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। भांडुप स्थित जेप्टो लिमिटेड के खिलाफ भी लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच विभाग की इस कार्रवाई ने दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता तथा खाद्य कारोबारियों की जवाबदेही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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