मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े को सौंपा पत्र; रामलीला स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं और सड़क के प्रस्ताव की समीक्षा पर चर्चा
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 14 अक्टूबर। मुंबई में नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े से मुलाकात की। बैठक में रामलीला आयोजकों की समस्याओं और वाळकेश्वर में तीन बत्ती से लोक भवन के लोअर गेट तक सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई कम करने के निर्णय पर चर्चा हुई। आयुक्त ने रामलीला स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया, जबकि सड़क की चौड़ाई के मामले में मंत्री ने जनहित को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार की मांग करते हुए पत्र सौंपा।
रामलीला स्थलों पर मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं
नवरात्रि से दशहरे तक मुंबई शहर और उपनगरों के विभिन्न मैदानों में रामलीला का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में नागरिक और श्रद्धालु शामिल होते हैं। आयोजकों को कार्यक्रम स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं की व्यवस्था में होने वाली परेशानियों को देखते हुए मंत्री लोढ़ा ने मनपा प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा उठाया।
मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में हुई बैठक में साहित्य कलामंच के महामंत्री विनय मिश्रा ने आयोजकों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मोबाइल टॉयलेट, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि रामलीला भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होते हैं, इसलिए आयोजकों को आवश्यक सहयोग देने के साथ श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मनपा प्रशासन के सहयोग से रामलीला मंडलों को राहत मिलेगी।
आयुक्त अश्विनी भिड़े ने रामलीला स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
वाळकेश्वर सड़क की चौड़ाई घटाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग
इसी मुलाकात के दौरान मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने वाळकेश्वर में तीन बत्ती से लोक भवन के लोअर गेट तक सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई कम करने के मामले में भी मनपा आयुक्त को पत्र सौंपा। उन्होंने मांग की कि इस प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को ध्यान में रखा जाए।
मंत्री के पत्र के अनुसार, वर्ष 1967, 1991 और 2018 के विकास आराखड़ों में इस सड़क की स्वीकृत चौड़ाई 27.5 मीटर दर्ज है। अब इसे घटाकर 17 मीटर करने का प्रस्ताव है। लोढ़ा ने आशंका जताई कि सड़क की चौड़ाई कम करने से सार्वजनिक सुविधाओं और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर निर्णय लेने पर जोर
मंत्री लोढ़ा ने सड़क के महत्व और आसपास के क्षेत्र में यातायात पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की गहन समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रस्ताव पर निर्णय लेते समय सभी पहलुओं, नागरिकों की सुविधा और व्यापक जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
दोनों मुद्दों के माध्यम से मंत्री ने एक ओर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और दूसरी ओर शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े निर्णयों में नागरिक हितों को ध्यान में रखने पर जोर दिया।
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