महाराष्ट्र में दवाओं पर FDA का बड़ा एक्शन, 19 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त; 14 गिरफ्तार

दवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जांच तेज, चार महीनों में 4,256 निरीक्षण और 1,144 नियामक कार्रवाइयां की गईं।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 14 अक्टूबर। महाराष्ट्र में दवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने दवा निर्माताओं और बिक्री प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। अप्रैल-मई की तुलना में जून से सितंबर के बीच मासिक औसत निरीक्षणों में लगभग 4.6 गुना वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान कुल 4,256 निरीक्षण और 1,144 नियामक कार्रवाइयां की गईं।

एफडीए की कार्रवाई के तहत 115 तलाशी और जब्ती अभियानों में लगभग 19.11 करोड़ रुपये का दवा स्टॉक जब्त किया गया। इन मामलों में 33 अपराध दर्ज किए गए और 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

चार महीनों में निरीक्षण में बड़ा इजाफा

Advertisement

अप्रैल और मई के दौरान दवा निर्माण प्रतिष्ठानों के 120 और बिक्री प्रतिष्ठानों के 347 निरीक्षण किए गए थे। इस अवधि में मासिक औसत 234 निरीक्षण रहा।

वहीं, जून से सितंबर के बीच दवा निर्माण प्रतिष्ठानों के 965 और बिक्री प्रतिष्ठानों के 3,291 निरीक्षण किए गए। इससे मासिक औसत बढ़कर 1,064 हो गया। दवा निर्माण प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में लगभग चार गुना और बिक्री प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में करीब 4.7 गुना वृद्धि हुई।

288 लाइसेंस रद्द, 856 निलंबित

अप्रैल-मई में दवा निर्माण और बिक्री प्रतिष्ठानों के खिलाफ क्रमशः 71 और 366 सहित कुल 437 नियामक कार्रवाइयां की गई थीं। जून से सितंबर के बीच यह संख्या बढ़कर 1,144 हो गई।

इस दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों को 1,402 नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा 288 लाइसेंस रद्द और 856 लाइसेंस निलंबित किए गए।

बिना लाइसेंस दवा बिक्री पर भी कार्रवाई

जून से सितंबर के बीच की गई कार्रवाइयों में बिना लाइसेंस दवाओं के भंडारण और बिक्री से जुड़े 43 मामले शामिल हैं। आपत्तिजनक विज्ञापनों के 31, नकली दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों के 14 तथा गलत ब्रांडिंग वाले सौंदर्य प्रसाधनों के 10 मामलों में भी कार्रवाई की गई।

इसके अलावा मादक और मनःप्रभावी पदार्थ कानून के तहत 9, चिकित्सा उपकरणों से संबंधित 3, मिलते-जुलते ब्रांड नामों से जुड़े 3 और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन के 2 मामलों में कार्रवाई की गई।

एफडीए की बढ़ी हुई निगरानी का उद्देश्य दवा बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना है।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh