भाजपा के 100 पार्षदों को नोटिस, शिंदे-राउत में जुबानी जंग; किसानों की मदद पर भी घिरी सरकार

महाराष्ट्र की राजनीति में कई मुद्दों पर बयानबाजी तेज, चुनाव आयोग से लेकर सूखा राहत और राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के दावे तक चर्चा।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 14 अक्टूबर। महाराष्ट्र की राजनीति में कई मुद्दों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने अपने 100 पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की इंडिया गठबंधन के आंदोलन पर टिप्पणी के बाद सांसद संजय राउत ने पलटवार किया। दूसरी ओर, कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने के फैसले पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, जबकि कांग्रेस सांसद कल्याण काले ने केंद्र और राज्य की सरकारों के बदलने तथा राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने का दावा किया।

भाजपा के 100 पार्षदों को कारण बताओ नोटिस

भाजपा ने अपने ही 100 पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पिछले सप्ताह पुणे में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बताया गया कि पार्टी के करीब 100 पार्षद इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

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इसके बाद पार्टी ने संबंधित पार्षदों को नोटिस जारी कर पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। उन्हें पांच दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई की पुणे के राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है। अब देखना होगा कि पार्षद नोटिस का क्या जवाब देते हैं और पार्टी आगे क्या कदम उठाती है।

शिंदे की टिप्पणी पर संजय राउत का पलटवार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन ने दिल्ली में लगातार दो दिनों तक प्रदर्शन किया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस आंदोलन को ‘शिवतांडव’ की संज्ञा दी थी।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन का आंदोलन शिवतांडव नहीं, बल्कि सत्ता के लिए बेचैन लोगों का हंगामा था। शिंदे ने यह भी कहा कि इस प्रदर्शन को शिवतांडव बताकर राहुल गांधी ने भगवान शिव का अपमान किया है। उनके मुताबिक, अगर महादेव ने तीसरी आंख खोल दी तो इंडिया गठबंधन जलकर खाक हो जाएगा।

शिंदे के इस बयान पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के सांसद संजय राउत ने पलटवार किया। राउत ने कहा कि शिवतांडव अन्याय के खिलाफ किया गया था। उन्होंने शिंदे को वेद-पुराण पढ़ने या नागपुर जाकर बैठने की सलाह देते हुए तंज कसा। राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें नागपुर की भीड़ दिखाई नहीं देती।

अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर उठाए सवाल

कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान सुप्रीम कोर्ट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक दलों में टूट और चुनाव चिह्नों से जुड़े मामलों में शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग की मदद की है।

दीपके ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले फैसलों के लिए संवैधानिक संस्थाओं को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी मतदाता को इस बार मतदान का अवसर नहीं मिलता और उसे अगली बार मतदान करने की बात कही जाती है, तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस बार चुनाव नहीं लड़ने और अगली बार लड़ने के लिए कहा जाएगा? ये आरोप और सवाल दीपके ने अपने बयान में उठाए हैं।

किसानों को 5,000 रुपये की मदद पर विपक्ष का विरोध

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने की घोषणा की है। इस फैसले पर विपक्षी नेताओं ने सरकार की आलोचना की है।

किसान नेता रविकांत तुपकर ने सवाल उठाया कि क्या किसानों को 5,000 रुपये देकर सरकार उन्हें भिखारी समझती है। उन्होंने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनकी फसल पर पूरे देश की खाद्य व्यवस्था निर्भर करती है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि सरकार ने किसानों को केवल 5,000 रुपये की अग्रिम राशि देकर उनकी समस्याओं को हल्का करने की कोशिश की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नेताओं और मंत्रियों की एक चाय पार्टी का खर्च भी इससे अधिक हो सकता है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी 5,000 रुपये की सहायता को किसानों के साथ मजाक बताया। उन्होंने सरकार से प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की मदद देने की मांग की। अब देखना होगा कि विपक्ष की आलोचना पर सत्तारूढ़ गठबंधन क्या जवाब देता है।

‘केंद्र और राज्य में बदलेगी सरकार’, कांग्रेस सांसद का दावा

कांग्रेस सांसद कल्याण काले ने दावा किया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार सत्ता से बाहर होंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों जगह संविधान में विश्वास रखने वाली सरकारें सत्ता में आएंगी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।

काले ने कहा कि देश के नागरिक, विद्यार्थी और महिलाएं कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनके मुताबिक, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा सहित कई हिस्सों में सूखे की स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रभावित लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।

काले ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी इन मुद्दों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। छत्रपति संभाजीनगर में सूखे की स्थिति और किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस ने विभागीय आयुक्त कार्यालय तक जनआक्रोश मार्च निकाला था। इसी दौरान काले ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने का विश्वास व्यक्त किया।

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