शिवसेना यूबीटी नेता की हत्या में नया मोड़, वारदात के वक्त बंद थे ऑफिस के 3 सीसीटीवी कैमरे

ठाणे में प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की जांच में पुलिस को कई अहम पहलुओं पर संदेह, पूर्व मेयर के पति से लगातार दूसरे दिन पूछताछ।

राहुल गुप्ता

ठाणे, 15 अक्टूबर। शिवसेना (यूबीटी) के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की जांच में एक अहम बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, 29 सितंबर को उनके कार्यालय में हत्या के वक्त वहां लगे तीन सीसीटीवी कैमरे बंद थे। इन कैमरों में हमलावरों द्वारा पूर्णेकर पर चाकू से हमला करने और गोली मारने की घटना रिकॉर्ड हो सकती थी, जो जांच में अहम सबूत साबित होती।

प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि कैमरों को बिजली देने वाले स्विचबोर्ड का इस्तेमाल पास में बने गणेश पंडाल की रोशनी के लिए किया जा रहा था, जिसके कारण कैमरे बंद हो गए। हालांकि, हत्या भी उसी दौरान हुई जब कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इसलिए पुलिस यह पता लगा रही है कि कैमरे जानबूझकर बंद किए गए थे या आरोपियों को पहले से इसकी जानकारी थी।

हत्या से पहले कार्यालय की रेकी करने का संदेह

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जांच से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कैमरों का कनेक्शन जानबूझकर काटा गया था या आरोपियों को पता था कि उस समय कैमरे बंद रहते हैं। गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से एक पप्पया शिंदे ने हत्या से कुछ दिन पहले पूर्णेकर के कार्यालय की रेकी की थी। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या उसने कार्यालय में लगे कैमरों को देखा था।

पूर्व मेयर के पति से लगातार दूसरे दिन पूछताछ

इस बीच, ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे के पति रविंद्र शिंदे से बुधवार को लगातार दूसरे दिन पुलिस ने पूछताछ की। वह ठाणे पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय में रात करीब 1 बजे पहुंचे और उन्हें रात 8 बजे तक वहां रखा गया। इससे पहले मंगलवार को भी उनसे करीब 8 घंटे पूछताछ की गई थी।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के साथ रविंद्र शिंदे के कथित संबंधों को लेकर उनसे सवाल किए गए। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब तक हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

राजनीतिक रंजिश से लेकर बिल्डिंग प्रोजेक्ट तक की जांच

पुलिस हत्या के पीछे कई संभावित कारणों की जांच कर रही है। इनमें राजनीतिक रंजिश, ठाणे में एक इमारत के पुनर्विकास से जुड़ा प्रोजेक्ट और एक युवती से संबंधित मामला शामिल है। बताया जाता है कि पूर्णेकर और रविंद्र शिंदे, दोनों की इस पुनर्विकास परियोजना में रुचि थी।

एक अन्य पहलू के तहत उस युवती की भूमिका या उससे जुड़े घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है, जिसे पूर्णेकर ने इलाके में दो लड़कों के साथ पाए जाने के बाद पुलिस के हवाले किया था। हत्या के आसपास के समय में वह युवती कार्यालय के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दी थी।

इसके अलावा, पूर्णेकर ने इलाके में कथित तौर पर नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ शिकायतें भी दी थीं। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।

अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार

प्रदीप पूर्णेकर की 29 सितंबर को रात करीब 9:30 बजे उनके कार्यालय में गोली मारकर और चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। बाद में जांच अपराध शाखा की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंप दी गई, जिसका नेतृत्व डीसीपी अमर सिंह जाधव कर रहे हैं।

एसआईटी अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पप्पया शिंदे, निखिल यादव, नितेश पवार, मुख्य आरोपी संतोष कनोजिया उर्फ टल्ली और उसका सहयोगी अमित सिंह उर्फ पपलू शामिल हैं। मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से पकड़ा गया था।

बुधवार को निखिल यादव और नितेश पवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अभी हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी है।

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