राज्य परिवहन महामंडल बस स्टेशनों पर बनेंगे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग शौचालय

राज्यमंत्री माधुरी मिसाल की पहल को मिली सफलता; 9.77 करोड़ रुपये के कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 15 अक्टूबर। महाराष्ट्र में अब राज्य परिवहन महामंडल (एसटी) के बस स्टेशनों पर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग शौचालय बनाए जाएंगे। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में स्वतंत्र शौचालयों की सुविधा नहीं होने के कारण ट्रांसजेंडर यात्रियों को लंबे समय से असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने 9 करोड़ 76 लाख 63 हजार 195 रुपये की अनुमानित लागत वाले कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में बुधवार को शासनादेश जारी किया।

31 विभागों के बस स्टेशनों पर होगा निर्माण

राज्य के छह परिवहन क्षेत्रों—मुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती और नागपुर—के अंतर्गत आने वाले 31 विभागों के विभिन्न एसटी बस स्टेशनों पर इन शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय का क्षेत्रफल लगभग छह वर्ग मीटर होगा। एक शौचालय के निर्माण पर करीब 2.40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें पानी की आपूर्ति, गंदे पानी की निकासी और बिजली कनेक्शन जैसी आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी।

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कोल्हापुर विभाग के लिए सर्वाधिक राशि

विभागवार आवंटन में कोल्हापुर विभाग को सबसे अधिक 55.20 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है। इसके बाद अमरावती विभाग को 50.75 लाख रुपये, जबकि अहिल्यानगर और नांदेड़ विभागों को 50.40-50.40 लाख रुपये दिए जाएंगे। नागपुर विभाग के लिए 48.40 लाख रुपये और रायगढ़ विभाग के लिए 48 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

इस योजना में मराठवाड़ा के नांदेड़, धाराशिव, बीड और परभणी के साथ-साथ विदर्भ के भंडारा और यवतमाल विभाग भी शामिल हैं। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करने वाले ट्रांसजेंडर यात्रियों को स्वच्छता संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सामाजिक न्याय विभाग के निधि से होगा खर्च

इन निर्माण कार्यों का पूरा खर्च सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के अंतर्गत ट्रांसजेंडर कल्याण मंडल के लिए मंजूर निधि से किया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं परिवहन राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने इस संबंध में पहल करते हुए एसटी महामंडल को बस स्टेशनों पर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए स्वतंत्र शौचालय बनाने के निर्देश दिए थे।

इन निर्देशों के बाद एसटी महामंडल ने राज्य सरकार के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्यमंत्री ने प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देने और सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए थे। अब सरकार की प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

निर्माण से पहले तकनीकी मंजूरी अनिवार्य

शासनादेश के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित शौचालयों के नक्शों को वास्तुकार से मंजूरी दिलाना आवश्यक होगा। इसके अलावा विस्तृत लागत अनुमान तैयार करने और कार्यकारी अभियंता से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।

लंबे समय से उठ रही थी अलग शौचालयों की मांग

सार्वजनिक स्थानों पर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। शौचालयों की कमी के कारण इस समुदाय के यात्रियों को रोजमर्रा की यात्रा के दौरान असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ता था।

महाराष्ट्र की व्यापक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत यह सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय ट्रांसजेंडर समुदाय की गरिमा, स्वच्छता और समावेशी सार्वजनिक सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इन कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन और सभी संबंधित बस स्टेशनों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान रहेगा।

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