नितिन गडकरी की नई योजना से 12 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगार? कैब सेवाओं को लेकर बताई खास कल्पना

नागपुर में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की बैठक में गडकरी ने निजी वाहनों से रोजगार बढ़ाने, शिक्षा में शोध और तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

राहुल गुप्ता

नागपुर, 15 अक्टूबर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रैपिडो, ओला और उबर जैसी कैब सेवाओं के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से देश में 12 करोड़ लोगों को रोजगार मिल सकता है। नागपुर के महाल इलाके में अपने आवास पर आयोजित शिक्षक, प्राध्यापक और स्नातक मतदाताओं की बैठक में उन्होंने यह विचार साझा किया।

गडकरी ने कनाडा की यात्रा के दौरान मिले एक अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां सेवानिवृत्त शोधकर्ता अपनी निजी गाड़ियों को टैक्सी के रूप में चलाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे थे। इसी अनुभव से निजी वाहनों को टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल करने की कल्पना सामने आई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में परिवहन मंत्री रहते हुए इस दिशा में निर्णय लिया गया था। उनके मुताबिक, रैपिडो, ओला और उबर जैसे प्लेटफॉर्म रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

स्नातक मतदाताओं से वैध मतदान की अपील

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गडकरी ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में वोट अवैध होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षित और विद्वान मतदाताओं के होने के बावजूद करीब 12 हजार वोट अवैध ठहरना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मतदाताओं से मतदान की सही प्रक्रिया समझने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि उनका वोट वैध माना जाए।

उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सुधाकर कोहळे को पार्टी की ओर से अवसर दिए जाने का उल्लेख करते हुए उनके समर्थन की अपील भी की।

शिक्षा में शोध और गुणवत्ता पर जोर

गडकरी ने कहा कि शिक्षकों और प्राध्यापकों को शैक्षणिक समस्याओं पर चर्चा करने, शोध को प्रोत्साहित करने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक साथ काम करना चाहिए। उन्होंने ‘मंथन’ पहल को शिक्षकों और प्राध्यापकों के बीच विचारों के आदान-प्रदान का अच्छा माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए शोध और विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। ज्ञान को संपत्ति में बदला जा सकता है, इसलिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को समाज की जरूरतों के अनुरूप शोध करना चाहिए। ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान भी बढ़ाना जरूरी है।

शिक्षकों पर अगली पीढ़ी को गढ़ने की जिम्मेदारी

गडकरी ने कहा कि शिक्षकों के काम का असर पूरी पीढ़ी पर पड़ता है। शिक्षक की गलती विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें विद्यार्थियों के मन में शिक्षकों के प्रति आत्मीयता और सम्मान हो।

उन्होंने कहा कि शिक्षक, प्राध्यापक, संस्थान प्रमुख, विद्यार्थी और अभिभावक शैक्षणिक परिवार के अहम अंग हैं। इनके बीच बेहतर समन्वय से संस्कारयुक्त और देश के लिए जिम्मेदार नागरिक तैयार किए जा सकते हैं। बदलते समय के साथ ज्ञान का स्वरूप भी बदल रहा है, इसलिए नई तकनीक को अपनाना जरूरी है।

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