बंदूक के दम पर 40 तोला सोना लूटने वाले गिरोह के तार तीन राज्यों से जुड़े मिले, जबकि साजिश के दो कथित सूत्रधार अब भी फरार हैं।
राहुल गुप्ता
नागपुर, 15 अक्टूबर। नागपुर के वानाडोंगरी इलाके में ढोमणे ज्वेलर्स में हुई लूट की साजिश नई दिल्ली के एक होटल में रची गई थी। 3 अक्टूबर को दिनदहाड़े बंदूक की धमकी देकर करीब 40 तोला सोने के गहने लूटने के मामले में अपराध शाखा ने 10 दिन की जांच के बाद चार आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में छापेमारी की। मामले के दो कथित सूत्रधार अब भी फरार हैं और उनके नेपाल भागने की आशंका के चलते सीमावर्ती राज्यों की पुलिस से मदद मांगी गई है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक सिंह ठाकुर, जयराम उर्फ जोगिंदर अशोक सिंह ठाकुर (19), शुभांकित निलेशकुमार चतुर्वेदी (22) और राजन सामी शर्मा (29) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, अभिषेक और चतुर्वेदी को नोएडा से तथा शर्मा को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। गिरोह उत्तराखंड के रास्ते फरार होने की तैयारी में था।
फर्जी दस्तावेजों से खरीदी बाइक, थार से की रेकी
जांच के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नागपुर में एक दोपहिया वाहन खरीदा था। इसके बाद उन्होंने थार कार किराये पर लेकर ढोमणे ज्वेलर्स की दो दुकानों की रेकी की। 3 अक्टूबर को वानाडोंगरी स्थित दुकान में लूट को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक छोड़ दी और फॉर्च्यूनर कार से फरार हो गए।
पुलिस के लिए इस मामले का खुलासा करना चुनौतीपूर्ण था। अपराध शाखा ने तकनीकी साक्ष्यों और 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई कर चारों आरोपियों को फॉर्च्यूनर कार समेत गिरफ्तार किया।
चेन्नई की जेल में हुई थी मुलाकात
पुलिस जांच में सामने आया कि अभिषेक ठाकुर की मुलाकात कथित साजिशकर्ता से चेन्नई की जेल में हुई थी। वह साइबर अपराध के मामले में न्यायिक हिरासत में था। पुलिस के अनुसार, अगस्त में उसे जमानत दिलाने में मदद की गई। जेल से बाहर आने के बाद अभिषेक के माध्यम से गिरोह ने नागपुर के राजन शर्मा की मदद से नई दिल्ली के एक होटल में बैठकर लूट की योजना बनाई।
फिंगरप्रिंट से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से कुछ उंगलियों के निशान मिले थे। पुलिस ने इन निशानों का अपराधियों से जुड़े राष्ट्रीय डेटाबेस में मिलान किया तो वे अभिषेक ठाकुर से मेल खाते पाए गए। इसके बाद उसके मोबाइल फोन रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें अभिषेक और राजन शर्मा के संपर्क में होने की जानकारी मिली। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने कथित साजिश की कड़ियां जोड़ीं।
दो कथित सूत्रधारों की तलाश जारी
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर अंतरराज्यीय अपराधों में शामिल रहे हैं। उनके खिलाफ हत्या और साइबर अपराध समेत अन्य मामलों का रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इसी तरह की लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। मामले के दो कथित सूत्रधारों की तलाश जारी है। उनके नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती राज्यों की पुलिस से संपर्क किया गया है।
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