कांग्रेस गुटनेता अशरफ आज़मी ने वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की; महापौर से विशेष अधिवेशन बुलाने की अपील
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 15 अक्टूबर। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की वित्तीय स्थिति और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर होने वाले खर्च को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। BMC में कांग्रेस के गुटनेता अशरफ आज़मी ने महानगरपालिका की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में आई गिरावट और करीब ₹2.44 लाख करोड़ की परियोजनाओं से जुड़ी वित्तीय प्रतिबद्धताओं का विस्तृत हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने महानगरपालिका आयुक्त को पत्र लिखकर वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने और महापौर से इस मुद्दे पर विशेष अधिवेशन बुलाने की अपील की है।
आठ महीनों में FD में ₹3,544 करोड़ की कमी
आज़मी के अनुसार, फरवरी 2026 में BMC की फिक्स्ड डिपॉजिट लगभग ₹81,449 करोड़ थी, जो घटकर ₹77,905 करोड़ रह गई। इस तरह आठ महीनों में ₹3,544 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, वर्ष 2021 में FD करीब ₹91,690 करोड़ थी। इसकी तुलना में पांच वर्षों के दौरान लगभग ₹13,785 करोड़ की कमी आई है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन इस गिरावट के कारणों, खर्च की गई राशि और विभिन्न निधियों के हस्तांतरण का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करे।
₹2.44 लाख करोड़ की परियोजनाओं के भुगतान की चुनौती
आज़मी ने कहा कि प्रशासक के कार्यकाल के दौरान लगभग ₹2.44 लाख करोड़ की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया या वित्तीय प्रतिबद्धताएं की गईं। उपलब्ध कराए गए भुगतान संबंधी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में ठेकेदारों को करीब ₹8,000 करोड़ का भुगतान करना है। इसके बाद अगले सात से आठ वर्षों तक हर साल लगभग ₹28,000 करोड़ के भुगतान का अनुमान है।
उन्होंने प्रशासन से परियोजनावार और वर्षवार भुगतान कार्यक्रम जारी करने की मांग की, ताकि स्पष्ट हो सके कि इन दायित्वों को पूरा करने के लिए धन की व्यवस्था कैसे की जाएगी।
प्रमुख विकास परियोजनाओं पर खर्च का हिसाब मांगा
BMC की प्रमुख परियोजनाओं में वर्सोवा-दहिसर कोस्टल रोड, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR), सीमेंट-कंक्रीट सड़कें, सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), जल परिवहन सुरंगें और प्रमुख जलापूर्ति परियोजनाएं शामिल हैं। आज़मी ने कहा कि मुंबई के विकास के लिए ये परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके खर्च और भविष्य के भुगतान के लिए ठोस वित्तीय योजना भी जरूरी है।
आयुक्त को पत्र, महापौर से विशेष अधिवेशन की मांग
कांग्रेस गुटनेता ने मांग की कि श्वेत पत्र में FD का वर्षवार और निधिवार विवरण, निकासी एवं हस्तांतरण का ब्योरा, खर्चों की मंजूरी, परियोजनावार लंबित ठेकेदार बिल और भविष्य के भुगतान का कार्यक्रम शामिल किया जाए। साथ ही आने वाले वर्षों की आय और खर्च का अनुमान भी सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने महापौर से विशेष अधिवेशन बुलाकर निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने वित्तीय स्थिति रखने और प्रशासन से जवाब मांगने की अपील की।
वेतन, पेंशन और नागरिक सेवाओं पर असर को लेकर चिंता
आज़मी ने सवाल उठाया कि बड़े परियोजना खर्चों के साथ कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, रखरखाव और नागरिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त धन कैसे सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि FD में आई गिरावट के पीछे कौन-से वित्तीय निर्णय थे और उन्हें किस स्तर पर मंजूरी दी गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य धन के गायब होने का आरोप लगाना नहीं, बल्कि वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उनके मुताबिक, मुंबई के विकास के लिए खर्च होने वाली प्रत्येक बड़ी राशि का हिसाब और भविष्य की प्रतिबद्धताओं के लिए विश्वसनीय वित्तीय योजना सार्वजनिक होनी चाहिए।
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