सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप पर विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय ने नोटिस जारी किया। अभिनेता के वकीलों का दावा है कि वह केवल वहां से गुजर रहे थे।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 16 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बाद अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की इस कार्रवाई को अभिनेता ने मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनके वकीलों का दावा है कि इमरान खान प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि उस इलाके से गुजर रहे थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई में हुए इस प्रदर्शन को उद्धव ठाकरे गुट और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का भी समर्थन मिला था। अधिकारियों ने कथित तौर पर इमरान खान के विदेशी नागरिक होने और प्रदर्शन में शामिल होने को कार्रवाई का आधार बताया है।
वकीलों का दावा- प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे अभिनेता
इमरान खान के वकील जुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अभिनेता का विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था। वह नाना चौक इलाके से गुजर रहे थे, जहां बैरिकेडिंग लगी हुई थी।
वकीलों के अनुसार, अभिनेता वहां मीडिया से बात कर रहे थे। इसी दौरान मीडिया की भीड़ जुटी और पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। उनका दावा है कि इमरान खान को मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
भारत छोड़ने के निर्देश को चुनौती देते हुए अभिनेता ने हाईकोर्ट से नाना चौक इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने और उसे पेश करने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि अभिनेता वहां किस परिस्थिति में मौजूद थे और क्या उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।
फिलहाल, इस मामले में अभिनेता के वकीलों के दावों और अधिकारियों की कार्रवाई के आधार पर विवाद सामने आया है। अदालत में याचिका पर आगे की कार्यवाही के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
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