सत्ता परिवर्तन की टिप्पणी पर बीजेपी ने विपक्ष को घेरा, अभिजीत दीपके ने कहा- आंदोलन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा है।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 16 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को घेरा है। वहीं, सीजेपी से जुड़े अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगना है।
फडणवीस बोले- सत्ता के लिए चल रहा पूरा खेल
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया पर प्रशांत भूषण के बयान का वीडियो साझा करते हुए विपक्ष और सीजेपी के आंदोलन पर निशाना साधा। उन्होंने अंग्रेजी में लिखा कि आखिरकार सब कुछ सामने आ गया और आंदोलन के पीछे सत्ता परिवर्तन का उद्देश्य था।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और किसानों को भड़काने, जाति और भाषा के नाम पर नफरत फैलाने तथा संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिशें इसी राजनीति का हिस्सा हैं।
राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस पर लगाए आरोप
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी प्रदर्शनकारी समूहों और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
राजनाथ सिंह ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन करना है। उन्होंने नेहा बोरा के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें बांग्लादेश के विरोध प्रदर्शनों को प्रेरणा के तौर पर पेश किए जाने की बात कही गई थी।
सीजेपी ने कहा- मांग सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की
विवाद बढ़ने के बाद सीजेपी से जुड़े अभिजीत दीपके ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि संगठन ने सत्ता परिवर्तन की मांग नहीं की है। उनकी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है।
दीपके ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं की हैं और अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना फैसले लिए हैं। उन्होंने फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि संगठन की मांग केवल मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की है।
प्रशांत भूषण के बयान, बीजेपी के आरोपों और सीजेपी की सफाई के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।
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