किसानों को 5,000 रुपये की मदद नाकाफी, रामदास आठवले ने उठाई राशि बढ़ाने की मांग; ईवीएम पर भी बोले

राहुल गुप्ता

मुंबई, 16 अक्टूबर। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति, किसानों की आर्थिक मदद, दलित पैंथर आंदोलन और ईवीएम जैसे मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि सूखे के कारण किसानों के साथ-साथ पशुओं की हालत भी खराब हो रही है। सरकार की ओर से घोषित 5,000 रुपये की सहायता पर्याप्त नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को मिलने वाली आर्थिक मदद बढ़ाने और उन्हें जल्द राहत दिलाने के लिए वह सरकार के समक्ष मुद्दा उठाएंगे।

सूखा प्रभावित किसानों को ज्यादा मदद की मांग

रामदास आठवले ने 1972 के सूखे का जिक्र करते हुए कहा कि मौसम में अनियमित बदलावों का अध्ययन करने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश होती है, वहां का पानी कम बारिश वाले इलाकों तक पहुंचाने के लिए नदी जोड़ परियोजनाओं और बांधों के निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों के लिए केंद्र सरकार से भी सहायता मिलने की उम्मीद जताई। आठवले ने कहा कि वह मराठवाड़ा के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा कर किसानों की समस्याओं को समझेंगे और उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए प्रयास करेंगे।

Advertisement

‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से कुछ हासिल नहीं होगा’

दलित पैंथर आंदोलन पर बोलते हुए आठवले ने कहा कि इस आंदोलन की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के युवाओं को सौंपने की जरूरत है।

राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफे की मांग करने से कुछ हासिल नहीं होगा। कांग्रेस को चुनाव आयोग के सामने बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग के पक्ष में अपनी बात रखनी चाहिए।

विधान परिषद चुनाव में महायुति की जीत का भरोसा

विधान परिषद चुनाव को लेकर रामदास आठवले ने कहा कि वह महायुति के उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि गठबंधन में कुछ स्थानों पर बगावत हुई है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने महायुति के 5 उम्मीदवारों के जीतने का भरोसा जताया।

केंद्रीय मंत्री ने मंत्रिमंडल में अपने राज्य मंत्री पद को लेकर भी संतोष व्यक्त किया।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh