मुंबई महानगरपालिका के ‘स्मार्ट नागरिक’ और ‘विद्यार्थी प्रेरणा’ उपक्रम शुरू; जनवरी 2027 में होगी परीक्षा
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 16 अक्टूबर। शिक्षा का उद्देश्य केवल शिक्षित व्यक्ति तैयार करना नहीं, बल्कि अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक, समाज के प्रति संवेदनशील और देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाना है। ऐसे मूल्यनिष्ठ नागरिक ही देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं। यह प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई महानगरपालिका के ‘सुजाण नागरिक-सक्षम भारत (स्मार्ट नागरिक)’ शैक्षणिक उपक्रम के उद्घाटन समारोह में किया।
दादर पश्चिम स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस और सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने नागरिकशास्त्र एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित ‘स्मार्ट नागरिक’ तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन पर आधारित ‘विद्यार्थी प्रेरणा’ पुस्तिकाओं का विमोचन किया।
संविधान और नागरिक कर्तव्यों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को आज दुनिया भर की जानकारी आसानी से उपलब्ध है, लेकिन उनमें सामाजिक चेतना और कर्तव्यबोध विकसित करना भी जरूरी है। भारतीय संविधान के न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता के मूल्यों को जीवन में अपनाकर ही जिम्मेदार नागरिकता विकसित की जा सकती है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य के आदर्शों का उल्लेख करते हुए एकता, निर्भयता और सामाजिक संवेदनशीलता को विद्यार्थियों के जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा कि संविधान के मूल्यों की शिक्षा बचपन से ही दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ दूसरों की स्वतंत्रता का सम्मान, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने महानगरपालिका की 50 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) के अध्ययन दौरे पर सिंगापुर भेजने की योजना की सराहना की।
जनवरी में होगी ‘विद्यार्थी प्रेरणा’ परीक्षा
विधायक अमित साटम ने बताया कि ‘स्मार्ट नागरिक’ पाठ्यक्रम में ‘सिटिजन साइंस’ और ‘कॉन्स्टिट्यूशनल वैल्यूज’ को शामिल किया गया है। शिक्षकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना है।
महापौर रितू तावड़े ने बताया कि ‘विद्यार्थी प्रेरणा’ पुस्तक पर आधारित मराठी भाषा की परीक्षा जनवरी 2027 में आयोजित करने की योजना है। विजेताओं को 14 अप्रैल 2027 को डॉ. आंबेडकर जयंती पर सम्मानित किया जाएगा। दोनों पुस्तिकाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, पानी-बिजली की बचत, सामाजिक समानता और सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की सीख दी जाएगी।
विद्यार्थियों ने मांगे मैदान और साइकिल ट्रैक
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री फडणवीस और भूषण गवई ने छठी कक्षा के विद्यार्थियों से संवाद किया। बच्चों ने मुंबई में खेल के मैदान, उद्यान और साइकिल ट्रैक उपलब्ध कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिक मैदानों को खेल गतिविधियों के लिए खोलने, उद्यान विकसित करने और अन्य स्थानों पर साइकिल ट्रैक बनाने की योजना है।
छात्रा मयूरा देशमुख तथा विद्यार्थियों रेवांश अण्णम, अभय पांचाल, समर्थ कांबले और त्रिशा जाधव ने नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों, शहर की सुविधाओं और डॉ. आंबेडकर के जीवन से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री और भूषण गवई ने उनके सवालों के जवाब दिए।
कार्यक्रम में उपमहापौर संजय घाड़ी, विधायक महेश सावंत और कालिदास कोलंबकर, महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े, स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे, शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।