12.68 करोड़ की गाड़ियों की खरीद पर महेश तपासे का सवाल, सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए जीआर रद्द करने की मांग

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी के परिवहन के लिए 44 वाहन खरीदने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर राकांपा (शरद पवार गुट) ने उठाए सवाल

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 17 अक्टूबर। महाराष्ट्र सरकार की ओर से अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) के परिवहन के लिए 44 नए वाहन खरीदने के वास्ते 12.68 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दिए जाने पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता महेश तपासे ने सरकार से इस खरीद संबंधी शासन निर्णय (जीआर) को रद्द करने और इस राशि का इस्तेमाल सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए करने की मांग की है।

किसानों की मदद को प्राथमिकता देने की मांग

महेश तपासे ने कहा कि राज्य में सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने की जरूरत है। ऐसे समय में वीवीआईपी वाहनों की खरीद पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बजाय सरकार को किसानों की आर्थिक सहायता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार 44 नए वाहनों की खरीद का निर्णय वापस ले और इसके लिए प्रस्तावित राशि किसानों को राहत देने के लिए उपलब्ध कराए।

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44 वाहनों की खरीद को मंजूरी

गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार के राजशिष्टाचार विभाग ने 9 अक्टूबर 2026 को जारी शासन निर्णय के तहत कुल 44 नए वाहनों की खरीद को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इस पर 12 करोड़ 68 लाख 64 हजार 342 रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनमें मुंबई स्थित शासकीय परिवहन सेवा के लिए 10 वाहन और विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी कार्यालयों की राजशिष्टाचार शाखाओं के लिए पहले चरण में 34 वाहन शामिल हैं।

वीवीआईपी परिवहन के लिए होंगे इस्तेमाल

सरकार के अनुसार, इन वाहनों का इस्तेमाल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों तथा महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित राज्य अतिथियों के परिवहन के लिए किया जाएगा। सरकार का कहना है कि पुराने और अनुपयोगी वाहनों को बदलने तथा अतिथियों की परिवहन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए नए वाहन खरीदने का निर्णय लिया गया है।

GeM पोर्टल से होगी खरीद

शासन निर्णय के अनुसार, वाहनों की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। खरीद पर होने वाला खर्च निर्धारित बजटीय प्रावधानों और उपलब्ध निधि के अनुसार किया जाएगा।

इस फैसले पर महेश तपासे की मांग ने सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं और सूखाग्रस्त किसानों को राहत देने के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है, इस पर नजर रहेगी।

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