आतंकियों को आर्थिक मदद देने के झूठे आरोप में फंसाने का डर दिखाया, महिला से पैसे ट्रांसफर कराने के बाद सोने के गहने गिरवी भी रखवाए।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 18 अक्टूबर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का वरिष्ठ अधिकारी बनकर एक 67 वर्षीय महिला से 61 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला पर आतंकवादी गतिविधियों को आर्थिक मदद देने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी। डर के कारण महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए और अपने सोने के गहने भी गिरवी रख दिए। खार पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता महिला सेवानिवृत्त हैं और कोलकाता में रहती हैं। उनके दो बच्चे बांद्रा पश्चिम में रहते हैं। 1 अक्टूबर की सुबह सोशल मीडिया के जरिए एक अनजान व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को एनआईए में पुलिस उपमहानिरीक्षक बताया और दावा किया कि कुलाबा स्थित उसका कार्यालय है।
आधार नंबर बताकर जीता भरोसा
आरोपी ने महिला से कहा कि अंधेरी स्थित केनरा बैंक में उनके नाम पर मौजूद खाते का इस्तेमाल आतंकवादियों को आर्थिक मदद देने के लिए किया जा रहा है। उसने दावा किया कि इस मामले में अंधेरी पुलिस थाने में केस दर्ज है और गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है।
महिला ने बताया कि उनका ऐसा कोई बैंक खाता नहीं है और न ही आतंकवादी संगठन से उनका कोई संबंध है। हालांकि, आरोपी ने उनका आधार नंबर बताकर उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने एक वीडियो भेजा, जिसमें कथित तौर पर पुलिस कुछ लोगों के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही थी। आरोपी ने दावा किया कि उन लोगों का भी आतंकवादी गतिविधियों से संबंध है और महिला को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
डरी हुई महिला ने गिरफ्तारी से बचाने की गुहार लगाई। इसके बाद आरोपी ने उनसे बैंक खातों की जानकारी लेकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा।

पैसे खत्म होने पर सोने के गहने गिरवी रखने को कहा
महिला ने शुरुआत में आरोपी के बताए खाते में 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद उससे और पैसे मांगे गए। आरोपी के निर्देश पर महिला ने दो अलग-अलग बैंक खातों में क्रमशः 25 लाख और 7 लाख रुपये भेजे।
जब महिला ने बताया कि उसके पास अब पैसे नहीं बचे हैं, तो आरोपी ने बैंक की तिजोरी में रखे सोने के गहने निकालकर गिरवी रखने को कहा। महिला ने गहने गिरवी रखकर मिली रकम भी आरोपी के बताए खातों में जमा कर दी। इस तरह कुल 61 लाख रुपये की ठगी हुई।
परिवार को बताने के बाद सामने आया मामला
आरोपी ने महिला को किसी से भी इस मामले पर चर्चा न करने और घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी थी। बाद में उसने महिला को मुंबई आने और यहां पहुंचने के बाद संपर्क करने को कहा। महिला 14 अक्टूबर को मुंबई पहुंचीं। उनकी परेशान हालत देखकर बेटी ने पूछताछ की, तब उन्होंने पूरी घटना बताई। परिवार को ठगी का पता चलने के बाद खार पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने 16 अक्टूबर को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस अब इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और फोन नंबरों की जांच कर आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।