पानी की कटौती से परेशान नागरिकों को राहत देने की मांग, शिवसेना (ठाकरे गुट) ने रोजाना एक घंटे कम पानी देने के विकल्प का तकनीकी अध्ययन कराने को कहा।
राहुल गुप्ता
पुणे, 21 अक्टूबर। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति और बांधों में उपलब्ध पानी का नियोजन करने के लिए राज्य सरकार ने सभी स्थानीय निकायों को पानी की खपत में 10 प्रतिशत कटौती करने का निर्देश दिया है। इसके बाद पुणे महानगरपालिका ने हर गुरुवार को पूरे शहर में पानी की आपूर्ति बंद रखने का फैसला किया है। हालांकि, इस व्यवस्था से नागरिकों को हो रही परेशानी के बीच अब इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग उठने लगी है।
महानगरपालिका ने पिछले सप्ताह से इस फैसले को लागू करना शुरू कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि गुरुवार को पूरे दिन पानी बंद रहने के बाद शुक्रवार को भी कई इलाकों में कम दबाव से पानी मिलता है। इससे पानी की कमी केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि अगले दिन भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गुरुवार की पानीबंदी के बाद शुक्रवार को भी परेशानी
पुणे में हर गुरुवार को पानी की आपूर्ति बंद रहने से लोगों को घरों में पहले से पानी जमा करके रखना पड़ता है। नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को विशेष रूप से परेशानी होती है। घरेलू कामकाज से लेकर साफ-सफाई तक के लिए पानी जरूरी होने के कारण पूरे दिन की पानीबंदी का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
इसके अलावा, शुक्रवार को कई इलाकों में कम दबाव से पानी आने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में पानी की आपूर्ति दोबारा शुरू होने के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। नतीजतन, नागरिकों को लगातार दो दिनों तक पानी का इस्तेमाल संभलकर करना पड़ता है।
रोजाना एक घंटे कम पानी देने के विकल्प पर विचार की मांग
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के गुटनेता नितिन गावडे और पार्टी के शहर सह-संपर्क प्रमुख गजानन थरकुडे ने इस समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। उन्होंने पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम से मांग की है कि सप्ताह में एक दिन पूरे शहर की जलापूर्ति बंद रखने के बजाय रोजाना पानी देने के समय में एक घंटे की कटौती करने के विकल्प का तकनीकी अध्ययन कराया जाए।
उनका कहना है कि यदि इस विकल्प से नियमित जलापूर्ति बनाए रखना संभव हो, तो नागरिकों को पूरे दिन पानी बंद रहने से होने वाली परेशानी से राहत मिल सकती है।
पानी की बर्बादी रोकने पर भी जोर
पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जलवाहिनियों में होने वाले रिसाव को रोकने, पाइपलाइनों की मरम्मत करने और वितरण प्रणाली की खामियों को दूर करने की जरूरत बताई गई है।
गजानन थरकुडे ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि शुक्रवार को पर्याप्त दबाव के साथ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। साथ ही, पानी की कटौती से नागरिकों का दैनिक जीवन प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाए।
नितिन गावडे ने भी महानगरपालिका से पानी की आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं की स्पष्ट जानकारी नागरिकों को देने और नियमित रूप से पर्याप्त दबाव के साथ पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। अब इस मामले में महानगरपालिका प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नागरिकों की नजर रहेगी।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।