मंत्री उदय सामंत ने आरोप लगाया कि शिंदे परिवार को जानबूझकर विवाद से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश नाकाम होने की बात कही।
राहुल गुप्ता
पुणे, 22 अक्टूबर। महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने दावा किया है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे का संबंधित मामले से कोई लेना-देना नहीं होने के बावजूद उन्हें बेवजह बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे कोई और व्यक्ति है, जिसके बारे में उचित समय पर सबूत मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे।
सामंत ने कहा कि यदि कोई भाजपा और शिवसेना के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहा है, तो उसका यह प्रयास सफल नहीं होगा। वह पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। इस दौरान शिवसेना समर्थित उम्मीदवार सचिन सानप और मंगेश चिवटे सहित अन्य लोग मौजूद थे।
मनोज जरांगे के आरोपों पर क्या बोले उदय सामंत?
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सामंत ने कहा कि दो रात पहले जरांगे का फोन आया था। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे निचले स्तर की राजनीति नहीं करते और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
सामंत ने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे को जानबूझकर इस विवाद से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि जरांगे को जानकारी कौन उपलब्ध करा रहा है, इसका पता लगाया जाना चाहिए।
मंत्री ने दावा किया कि वह आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री को इस संबंध में सबूत सौंपेंगे। हालांकि, उन्होंने कथित सबूतों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना है कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
सामंत ने यह भी कहा कि जिन लोगों के कार्यकाल में आरक्षण को सुरक्षित नहीं रखा जा सका, उनके बारे में अच्छा बोलने और अच्छा काम करने वालों की आलोचना करने का चलन दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि शिवसैनिक और मंत्री होने के नाते वह ऐसी बातों का जवाब देते हैं।
अपने नेता को सर्वोच्च पद पर देखने की इच्छा गलत नहीं
उदय सामंत ने कहा कि अपने नेता को देश या राज्य के सर्वोच्च पद पर देखने की इच्छा रखने में कुछ भी गलत नहीं है। उनके मुताबिक, आरोपों और आलोचनाओं से किसी व्यक्ति की उपलब्धियां कम नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा कि आरोप लगने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति की छवि खराब हो गई है; इसके उलट, उनके प्रति लोगों का समर्थन और बढ़ सकता है।
सामंत ने यह टिप्पणी भी की कि ‘गद्दार’ शब्द अब अपना प्रभाव खो चुका है।
मनोज जरांगे ने लगाया था 500 करोड़ रुपये का आरोप
गौरतलब है कि मनोज जरांगे पाटिल ने दावा किया था कि एकनाथ शिंदे ने भाजपा के एक नेता से कहा था कि भाजपा से मिले 500 करोड़ रुपये श्रीकांत शिंदे के माध्यम से उन्हें दिए गए। जरांगे ने इस दावे के समर्थन में सबूत होने की बात कही थी।
उन्होंने एकनाथ शिंदे को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उनका दावा गलत है, तो शिंदे अगले दिन शाम तक इस पर स्पष्टीकरण दें। इन आरोपों के बीच उदय सामंत ने शिंदे परिवार का बचाव करते हुए मामले की जांच कराने और मुख्यमंत्री को कथित सबूत सौंपने की बात कही है।
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