सूखे की मार झेल रहे किसानों से दिवाली के बाद मिलेंगे राज ठाकरे

महाराष्ट्र की 325 तहसीलों में सूखे का दावा, किसानों को 5,000 रुपये की सहायता पर उठाए सवाल,सूखे की स्थिति और किसानों की समस्याओं पर चर्चा

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 23 अक्टूबर। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे दिवाली के बाद राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को किसानों के साथ खड़े रहने और सूखे के कारण पशुओं के लिए पैदा हुई चारे की समस्या दूर करने में मदद करने के निर्देश दिए हैं।

सूखे की स्थिति और किसानों की समस्याओं पर चर्चा

मनसे की ओर से शुक्रवार को मुंबई के बांद्रा में राज ठाकरे की अध्यक्षता में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न हिस्सों में सूखे की स्थिति, पानी की किल्लत और किसानों की परेशानियों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के कई इलाकों में किसान सूखे की गंभीर मार झेल रहे हैं। पानी की कमी के कारण आम नागरिकों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं।

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उन्होंने बताया कि जालना जिले के कुछ इलाकों में 15 दिनों में केवल एक बार पानी की आपूर्ति होने की जानकारी सामने आई है। विपक्ष भी सरकार की ओर से दी जा रही सहायता को अपर्याप्त बताते हुए सवाल उठा रहा है।

325 तहसीलों में सूखे का दावा

राज ठाकरे ने दावा किया कि राज्य की 325 तहसीलों में सूखा घोषित किया गया है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद मनसे किसानों की समस्याओं को लेकर आगे की रणनीति तय करेगी।

राज ठाकरे ने कहा कि सरकार सूखे से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं है। हालांकि, मनसे अपनी ओर से किसानों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

5,000 रुपये की सहायता राशि पर सवाल

मनसे प्रमुख ने किसानों को दी जा रही 5,000 रुपये की सहायता राशि पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी कम रकम से किसानों की गंभीर समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अधिक प्रभावी उपाय किए जाने की जरूरत बताई।

पानी के साथ चारे और अनाज का संकट बढ़ने की आशंका

राज ठाकरे ने पानी की कमी से निपटने के लिए पर्याप्त पानी के टैंकरों और जल भंडारण की व्यवस्था करने पर जोर दिया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार जल संकट से निपटने के लिए प्रभावी योजना बना रही है या नहीं। साथ ही, उन्होंने पानी के टैंकरों के कारोबार से जुड़े हितों पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में संकट केवल पानी की कमी तक सीमित नहीं रहेगा। सूखे की स्थिति बनी रहने पर अनाज की उपलब्धता और पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर हो सकती है। ऐसे में सरकार के साथ-साथ राजनीतिक दलों को भी किसानों और ग्रामीण आबादी की मदद के लिए आगे आने की जरूरत है।

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