ठाकरे गुट ने आरोपियों और कथित सूत्रधारों को बचाने पर उठाए सवाल; पुलिस जांच से असंतुष्टि के बाद मामले में न्याय की मांग तेज।
राहुल गुप्ता
ठाणे, 29 अक्टूबर। प्रदीप पूर्णेकर की हत्या को राजनीतिक बताते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने आरोपियों और कथित सूत्रधारों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया कि हत्या के आरोपियों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो ठाणे में महामोर्चा निकाला जाएगा।
आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राउत ने गुरुवार को मानपाड़ा स्थित प्रदीप पूर्णेकर के आवास पर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेताओं ने ठाणे के पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे से मिलकर जांच की जानकारी ली। शाम को सरकारी विश्रामगृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में आदित्य ठाकरे ने मामले को लेकर सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए।
‘न्याय मांगने गए थे, कोई गुंडे नहीं थे’
आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर जब पालकमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलने गए, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने सवाल किया कि राम पूर्णेकर न्याय मांगने गए थे, वे कोई गुंडे नहीं थे। पालकमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा मिलने के बावजूद वे राम पूर्णेकर से क्यों घबरा गए?
ठाकरे ने कहा कि अगर राजनीतिक हत्याएं हो रही हैं, तो पीड़ित परिवार न्याय की गुहार किससे लगाए? उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस आयुक्त से मुलाकात के बावजूद उन्हें जांच को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिले।
मीनाक्षी शिंदे को बचाने का लगाया आरोप
आदित्य ठाकरे ने गृह विभाग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि गृह मंत्री पार्टी तोड़ने और पेड़ों की कटाई में व्यस्त हैं। उन्होंने सवाल किया कि पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे को बचाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। उन्होंने मामले के कथित सूत्रधारों को बचाए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
ठाकरे ने कहा कि पूर्णेकर परिवार पिछले एक महीने से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिवार को न्याय नहीं मिला, तो ठाणे में बड़ा महामोर्चा निकाला जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले अपराध की चर्चा में बिहार का उदाहरण दिया जाता था, लेकिन अब ठाणे की तुलना में बिहार की स्थिति बेहतर बताने की नौबत आ गई है।
संजय राउत ने भी सरकार पर साधा निशाना
सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य के इतिहास में इतना कमजोर मुख्यमंत्री नहीं देखा। उन्होंने दावा किया कि ठाणे की स्थिति बीड से भी खराब है। राउत ने कहा कि मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी के बिना हत्या के पीछे का मुख्य मकसद स्पष्ट नहीं होगा।
राउत ने यह भी दावा किया कि पुलिस आयुक्त के साथ बातचीत के दौरान उन्हें दो बार किसी का फोन आया और वे असहज दिखाई दिए। उन्होंने आशंका जताई कि फोन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का हो सकता है। हालांकि, यह उनका संदेह था। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग के सवाल पर राउत ने कहा, “सीबीआई अमित शाह के पास है।”
दोनों गुटों ने किया शक्ति प्रदर्शन, यातायात प्रभावित
आदित्य ठाकरे और संजय राउत की पुलिस आयुक्त से मुलाकात के बाद सरकारी विश्रामगृह में पत्रकार वार्ता की जानकारी शिंदे गुट के पदाधिकारियों को मिली। इसके बाद शिंदे गुट के पदाधिकारी और कार्यकर्ता परिसर में जुट गए। उन्होंने संजय राउत के खिलाफ और एकनाथ शिंदे के समर्थन में नारेबाजी की।
इस दौरान विधायक रवींद्र फाटक, प्रवक्ता शीतल म्हात्रे और नगरसेवक मनोज शिंदे भी विश्रामगृह में मौजूद थे। बाद में पूर्व सांसद और प्रवक्ता आनंद परांजपे ने पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं से परिसर खाली कर आनंद आश्रम लौटने को कहा। इसके बाद कार्यकर्ता वहां से चले गए।
दूसरी ओर, शिंदे गुट ने गुरुवार दोपहर मुंबई और ठाणे के पदाधिकारियों को टेंभीनाका में जुटने का आह्वान किया था। वहीं, ठाकरे गुट के नेताओं ने पुलिस आयुक्तालय से सरकारी विश्रामगृह तक पैदल मार्च कर अपनी ताकत दिखाई। दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।
राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के कारण ठाणे के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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