ई-नीलामी से 39 अनुबंध प्रदान, विज्ञापन और यात्री सुविधाओं से राजस्व बढ़ाने पर जोर,मुंबई मंडल में भंडारण सुविधा का प्रमुख अनुबंध
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 14 अक्टूबर। मध्य रेल ने गैर-किराया राजस्व (NFR) के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए सितंबर 2026 तक 73.04 करोड़ रुपये की कमाई की है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह राजस्व 63.50 करोड़ रुपये था। इस तरह रेलवे ने 15.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। सितंबर महीने में ई-नीलामी के माध्यम से 39 अनुबंध दिए गए, जिनसे कुल 4.60 करोड़ रुपये का वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त होगा।
ट्रेनों और रेलवे परिसरों में विज्ञापन से कमाई
चल परिसंपत्तियों पर विज्ञापन के तहत 94.57 लाख रुपये के अनुबंध दिए गए। इनमें ईएमयू कोचों के अंदर विज्ञापन के लिए 34.28 लाख रुपये, एसी ईएमयू रेक में विज्ञापन के लिए 15.38 लाख रुपये और वंदे भारत ट्रेनों में विज्ञापन के लिए 22.91 लाख रुपये का वार्षिक लाइसेंस शुल्क शामिल है।
वहीं, आउट-ऑफ-होम (OOH) विज्ञापन श्रेणी में 69.52 लाख रुपये के अनुबंध प्रदान किए गए। इनमें मुंबई मंडल के परेल स्पोर्ट्स ग्राउंड के पास स्थित होर्डिंग्स के लिए 42.40 लाख रुपये और नागपुर मंडल के चंद्रपुर में होर्डिंग्स के लिए 25.62 लाख रुपये का वार्षिक लाइसेंस शुल्क शामिल है।
मुंबई मंडल में भंडारण सुविधा का प्रमुख अनुबंध
मुंबई मंडल में अन्य गैर-किराया राजस्व के तहत कुल 121.65 लाख रुपये के अनुबंध दिए गए। इनमें डॉकयार्ड रोड स्टेशन पर भंडारण सुविधाओं के लिए 89.83 लाख रुपये प्रतिवर्ष का अनुबंध प्रमुख है। इसके अलावा मध्य रेल अस्पताल, भायखला में प्रतीक्षालय-सह-कैंटीन, कल्याण में किराना एवं फोटोकॉपी स्टोर, भायखला में मोबाइल एक्सेसरी कियोस्क और लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर मसाज चेयर जैसी सुविधाओं के अनुबंध भी शामिल हैं।
भुसावल मंडल में यात्री सुविधाओं पर जोर
भुसावल मंडल में 99.46 लाख रुपये के अनुबंध दिए गए। इनमें भुसावल–खंडवा खंड की ट्रेनों में विभिन्न वस्तुओं की बिक्री के लिए 61.17 लाख रुपये प्रतिवर्ष और भुसावल में वातानुकूलित यात्री लाउंज के लिए 16.67 लाख रुपये प्रतिवर्ष का अनुबंध शामिल है। इसके अतिरिक्त भुसावल और अमरावती में दोपहिया वाहन सुविधाओं, भंडारण, किराना कियोस्क तथा विभिन्न स्टेशनों पर मेडिकल स्टोर के लिए भी अनुबंध प्रदान किए गए।
नागपुर और सोलापुर मंडलों में भी अनुबंध
नागपुर मंडल में 53.66 लाख रुपये के अनुबंध दिए गए। इनमें न्यू बल्लारशाह गुड्स शेड में खाली BOXN मालगाड़ी रेक की सफाई के लिए 52.16 लाख रुपये प्रतिवर्ष तथा बैतूल और वर्धा स्टेशनों पर डिजिटल लॉकर सुविधाओं के लिए 1.50 लाख रुपये प्रतिवर्ष के अनुबंध शामिल हैं।
सोलापुर मंडल में कुल 20.89 लाख रुपये के अनुबंध प्रदान किए गए। इनमें सोलापुर–दौंड खंड की पात्र ट्रेनों में विभिन्न वस्तुओं की बिक्री के लिए 10.77 लाख रुपये प्रतिवर्ष का अनुबंध प्रमुख है। अन्य अनुबंधों में पंढरपुर में गेम जोन, कलबुरगि में कपड़ा स्टोर और सोलापुर के रेलवे ग्राउंड में किराना कियोस्क शामिल हैं।
रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग पर जोर
मध्य रेल पारदर्शी ई-नीलामी, विज्ञापन के अवसरों और यात्री-केंद्रित व्यावसायिक सुविधाओं के माध्यम से गैर-किराया राजस्व बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। रेलवे का उद्देश्य उपलब्ध परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करते हुए अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करना और यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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