टोरेंट पावर प्रोजेक्ट पर गरमाया विवाद, विरोध में उतरे ठाकरे बंधु

आदित्य ठाकरे ने किया स्थल का दौरा, राज ठाकरे 28 अक्टूबर को करेंगे जनसभा

कर्जत में पेड़ों की कटाई पर विपक्ष ने उठाए सवाल, पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का आरोप

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 26 अक्टूबर। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की कर्जत तहसील में टोरेंट पावर की प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का मुद्दा गरमा गया है। परियोजना के विरोध में ठाकरे बंधु सामने आ गए हैं। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को परियोजना स्थल का दौरा कर पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे 28 अक्टूबर को कर्जत पहुंचकर स्थानीय लोगों से संवाद करेंगे। इस मुद्दे पर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) सहित विपक्षी दलों ने भी परियोजना को लेकर सवाल उठाए हैं।

आदित्य ने किया स्थल का दौरा, राज करेंगे जनसभा

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आदित्य ठाकरे ने सोमवार को कर्जत में पेड़ों की कटाई का जायजा लिया और पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई। वहीं, राज ठाकरे 28 अक्टूबर को स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासियों से बातचीत करने के बाद जंगल का मुआयना करेंगे। इसके बाद शाम पांच बजे पुलिस ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे। उनके दौरे से पहले ही परियोजना को लेकर राजनीतिक विरोध तेज हो गया है।

पेड़ों की कटाई पर सरकार से मांगा जवाब

आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया कि पेड़ों की कटाई की अनुमति किसने दी, क्या पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया गया और नए पेड़ लगाने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय पहलुओं पर सरकार से जवाब मांगा।

2,750 पेड़ काटे जाने का दावा

मनसे नेता संदीप देशपांडे ने दावा किया कि कर्जत के जंगल में अब तक 2,750 पेड़ काटे जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पेड़ों की कटाई की अनुमति किसने दी और इसे कानूनी मंजूरी कैसे मिली। उन्होंने यह भी पूछा कि 90 हजार पेड़ लगाने के लिए जमीन कहां से उपलब्ध कराई जाएगी। देशपांडे ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे दो लोग सह्याद्रि के भविष्य का फैसला कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि परियोजना के लिए आगे भी पेड़ों की कटाई की जा सकती है।

विपक्ष ने विकास के नाम पर जंगल को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि परियोजना स्थानीय लोगों पर जबरन थोपी जा रही है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंच सकता है। विपक्षी दलों ने परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों और पेड़ों की कटाई से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए हैं। अब राज ठाकरे के दौरे और जनसभा पर नजरें टिकी हैं।

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