कुओं को पुनर्जीवित करने की पहल, हर वार्ड को मिलेंगे 30 लाख रुपये

प्रतीक करपे के प्रयासों को गति, महापौर कार्यालय में हुई बैठक में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक भी शामिल

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 23 अक्टूबर। मुंबई में संभावित जल संकट से निपटने और पीने के पानी की बचत के लिए पारंपरिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने की पहल की जा रही है। भाजपा पार्षद एवं मुंबई भाजपा सचिव प्रतीक करपे के प्रयासों से शहर के कुओं की सफाई और मरम्मत के लिए प्रत्येक प्रशासनिक वार्ड को शुरुआती तौर पर 30 लाख रुपये आवंटित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व और मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम के मार्गदर्शन में इस पहल को गति मिली है। शुक्रवार को इस संबंध में महापौर कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें इसरो के पूर्व वैज्ञानिक भी शामिल हुए।

कुओं की सफाई और मरम्मत पर जोर

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प्रतीक करपे महानगरपालिका स्तर पर मुंबई के पारंपरिक कुओं की सफाई, उनमें जमा गाद निकालने और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने महानगरपालिका में प्रस्ताव सूचना पेश कर शहर के कुओं को पुनर्जीवित करने की मांग की थी। सदन के नेता गणेश खणकर ने भी इस मुद्दे को लगातार उठाया है।

योजना के पहले चरण में प्रत्येक प्रशासनिक वार्ड के खुले कुओं की पहचान कर उनकी सफाई, गाद निकालने और मरम्मत का काम किया जाएगा। प्रत्येक कुएं के लिए 5,000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी, दो हॉर्सपावर का पंप और अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए प्रति कुआं लगभग 4.82 लाख से पांच लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। अतिरिक्त धनराशि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद दी जा सकेगी।

गैर-पेयजल कार्यों में होगा इस्तेमाल

कुओं के पानी का उपयोग पार्कों और उद्यानों में सिंचाई, सड़कों व सार्वजनिक स्थानों की सफाई, निर्माण कार्यों और सार्वजनिक शौचालयों में फ्लशिंग के लिए किया जा सकेगा। इससे इन कार्यों में पीने योग्य पानी की खपत घटाने और जलापूर्ति पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। गर्मियों में पानी की कमी होने पर ये कुएं वैकल्पिक जलस्रोत बन सकते हैं।

आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी

प्रतीक करपे ने जलस्रोतों की पहचान और निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उपग्रह तकनीक, जीआईएस मैपिंग और आईओटी आधारित स्मार्ट प्रणाली अपनाने का प्रस्ताव भी दिया है। इससे कुओं, झीलों और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों का सर्वेक्षण कर उनकी उपलब्धता और भविष्य में उपयोग की संभावनाओं का आकलन किया जा सकेगा।

इस पहल का उद्देश्य मुंबई में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और आने वाली गर्मियों में संभावित जल संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक जलस्रोत विकसित करना है। योजना के परिणाम इसके प्रभावी क्रियान्वयन और आवश्यक मंजूरियों पर निर्भर करेंगे।

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